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हाई स्कूल शिक्षक नियुक्ति परीक्षा 2016 की मेरिट लिस्ट को चुनौती देने वाली कई याचिका मामले में झारखंड हाईकोर्ट में हुई सुनवाई

Jharkhand Desk: इस आदेश का आधार सुप्रीम कोर्ट के 2 अगस्त 2022 के जजमेंट को मानते हुए कोर्ट ने 2034 रिक्त पदों को भरने के लिए छह महीने की समय सीमा निर्धारित करते हुए आदेश दिया है. योग्य रिट पिटिशनर को आठ सप्ताह के अंदर एक प्रतिवेदन जेएसएससी के सेक्रेट्री को समर्पित करने का आदेश कोर्ट ने दिया था.
 
JHARKHAND HC

Jharkhand Desk: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने हाई स्कूल शिक्षक नियुक्ति परीक्षा 2016 की मेरिट लिस्ट को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए बीते 1 सितंबर को सिंगल बेंच के द्वारा मीना कुमारी एवं अन्य के केस में दिए गए आदेश के साथ इसे भी प्रभावी माना है. न्यायालय के द्वारा दिए गए फैसले की जानकारी देते हुए शेखर कुमार गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में बीते दिनों सिंगल बेंच ने मीना कुमारी एवं अन्य के केस में जो फैसला सुनाया था उसी में समाहित करने का आदेश जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने दिया है. इस मामले में आज करीब 250 याचिका न्यायालय के समक्ष सूचीबद्ध थी, जिस पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने केस को निष्पादित कर दिया है.

झारखंड हाईकोर्ट ने बीते एक सितंबर को मीना कुमारी एवं अन्य के केस में एक अहम फैसला सुनाते हुए हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति परीक्षा 2016 के लिए निकाले गए विज्ञापन में 2034 पद को रिट पिटिशनर के द्वारा भरने का आदेश दिया था. इस आदेश का आधार सुप्रीम कोर्ट के 2 अगस्त 2022 के जजमेंट को मानते हुए कोर्ट ने 2034 रिक्त पदों को भरने के लिए छह महीने की समय सीमा निर्धारित करते हुए आदेश दिया है. योग्य रिट पिटिशनर को आठ सप्ताह के अंदर एक प्रतिवेदन जेएसएससी के सेक्रेट्री को समर्पित करने का आदेश कोर्ट ने दिया था. न्यायालय के समक्ष सरकार के रिजोल्यूशन द्वारा बताया गया है कि दिनांक 23 फरवरी 2024 तक सिर्फ 8,171 पद ही भरे गए थे, जबकि जेएसएसी द्वारा विज्ञापन में 17,786 पद घोषित किए गए थे. कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में सरकार रिजोल्यूशन का जवाब देने में असमर्थ रही. इसलिए वन मैन कमीशन गठित की जाएगी.

गठित कमीशन दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई के लिए सरकार को सिफारिश करेगी. हालांकि सरकार ने वन मैन कमीशन बनाने की रुचि नहीं दिखाई और डबल बेंच में ही जाना उचित समझा. सरकार और जेएसएससी की ओर से डबल बेंच में दी गई चुनौती पर जल्द ही सुनवाई होने की संभावना है. इन सबके बीच आज के आदेश के बाद इस मामले में याचिकाकर्ताओं की संख्या बढ़ गई है. गौरतलब है कि राज्य में साल 2016 में हाईस्कूल शिक्षकों के लिए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से कुल 17,572 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी, जो आज तक जारी है.