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PG और Hostel में गैस की भयंकर किल्लत, लॉज में रहने वाले विद्यार्थियों की स्थिति रुला देगी आपको...

Ranchi: छात्रों ने प्रशासन और गैस कंपनियों से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है. उनका कहना है कि अगर समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई और भविष्य पर पड़ेगा. छात्रों की यह परेशानी सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक समस्या बनती जा रही है, जिस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है.
 
JHARKHAND

Ranchi: रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और सप्लाई से जुड़ी समस्याओं का असर अब देशभर में महसूस किया जा रहा है. गैस कंपनियां और प्रशासन लगातार यह दावा कर रहे हैं कि गैस की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है. राजधानी रांची में इसका सबसे ज्यादा असर हॉस्टल और लॉज में रहने वाले विद्यार्थियों पर देखने को मिल रहा है.

रांची के विभिन्न इलाकों में रह रहे छात्रों से बातचीत की, जिसमें उन्होंने अपनी समस्याओं को खुलकर साझा किया. राजधानी रांची में न सिर्फ झारखंड बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं. ये छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई करते हैं और हॉस्टल या लॉज में रहकर अपनी पढ़ाई जारी रखते हैं.

हालांकि कई हॉस्टलों में मेस की व्यवस्था होती है, जहां छात्रों को भोजन मिल जाता है, लेकिन लॉज में रहने वाले विद्यार्थियों की स्थिति काफी खराब है. इन छात्रों को खुद खाना बनाना पड़ता है और इसके लिए गैस सिलेंडर की जरूरत होती है. लेकिन वर्तमान में 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर की रिफिलिंग नहीं हो पा रही है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है.

छात्रों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें ब्लैक में गैस खरीदनी पड़ रही है. जहां सामान्य तौर पर गैस की कीमत 80 से 90 रुपये प्रति किलो होनी चाहिए, वहीं अब उन्हें 250 से 300 रुपये प्रति किलो तक चुकाने पड़ रहे हैं. यह अतिरिक्त खर्च छात्रों के बजट को पूरी तरह बिगाड़ रहा है. इस समस्या का असर सिर्फ आर्थिक स्थिति पर ही नहीं, बल्कि छात्रों की दिनचर्या पर भी पड़ रहा है. कई छात्रों ने बताया कि गैस की अनुपलब्धता के कारण वे समय पर खाना नहीं बना पा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है. कुछ छात्र समय पर कॉलेज नहीं जा पा रहे हैं, तो कुछ का पठन-पाठन में मन नहीं लग रहा है.

बाहर के होटलों या ढाबों में खाना खाना भी उनके लिए आसान नहीं है, क्योंकि वहां का खाना काफी महंगा पड़ता है. सीमित बजट में रहने वाले छात्रों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है. कई छात्रों ने बताया कि रोजाना बाहर खाना खाना उनके लिए संभव नहीं है, जिससे उन्हें कई बार भूखे भी रहना पड़ता है या कम भोजन में काम चलाना पड़ता है.

Problems of students Due to LPG

छात्रों ने प्रशासन और गैस कंपनियों से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है. उनका कहना है कि अगर समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई और भविष्य पर पड़ेगा. छात्रों की यह परेशानी सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक समस्या बनती जा रही है, जिस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है.