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झारखंड के प्रतियोगी छात्रों के लिए बड़ा अपडेट, JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा की तारीख में हुआ बदलाव, पढ़े पूरी जानकारी...

Ranchi: आयोग ने साफ किया है कि कार्यक्रम में यह बदलाव प्रशासनिक कारणों से किया गया है. अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें और नई तारीख के अनुसार अपनी तैयारी पुख्ता कर लें.
 
JPSC Exam

Ranchi: झारखंड के प्रतियोगी छात्रों के लिए बड़ी अपडेट है. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने सिविल सेवा संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2025 की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) की तारीख बदल दी है. पहले यह परीक्षा 8 मार्च 2026 को होनी थी, लेकिन अब इसे 15 मार्च 2026 को आयोजित किया जाएगा.

आयोग ने साफ किया है कि कार्यक्रम में यह बदलाव प्रशासनिक कारणों से किया गया है. अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें और नई तारीख के अनुसार अपनी तैयारी पुख्ता कर लें.

आयोग की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, परीक्षा कार्यक्रम में आंशिक परिवर्तन प्रशासनिक कारणों से किया गया है. अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से अपडेट देखते रहें. प्रारंभिक परीक्षा राज्य के विभिन्न जिला मुख्यालयों में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी. इस संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से राज्य के विभिन्न विभागों में कुल 103 पदों पर नियुक्ति की जानी है.
इनमें उपसमाहर्ता, डीएसपी, जिला समादेष्टा, प्रखंड विकास पदाधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग में सहायक निदेशक, कृषि एवं सहकारिता विभाग में सहायक निबंधक, सहायक नगर आयुक्त तथा सहायक निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं. युवाओं के बीच इस परीक्षा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है.
आवेदन प्रक्रिया पहले से जारी और अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन पूरा करना होगा. परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि भी पूर्व निर्धारित समय-सीमा के अनुसार ही प्रभावी रहेगी. आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा तिथि में बदलाव के अलावा अन्य शर्तों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है.
इधर, आयु सीमा में छूट को लेकर चल रही चर्चाओं पर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है. कई अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार से अधिकतम आयु सीमा में राहत देने की मांग की है. इस विषय पर निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर लिया जाना है.
जानकारी यह भी है कि इस मुद्दे पर राज्य कैबिनेट की बैठक में विचार संभव है, लेकिन अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछली परीक्षाओं में देरी और विभिन्न कारणों से कई उम्मीदवार आयु सीमा पार कर चुके हैं.
ऐसे में उन्हें एक अवसर दिया जाना चाहिए. हालांकि आयोग ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार की ओर से औपचारिक आदेश प्राप्त नहीं होता, तब तक वर्तमान नियम ही लागू रहेंगे.