जेल में बंद श्वेता गुप्ता पर गिरी गाज, JPSC मामले में सरकार का बड़ा फैसला
Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने सोमवार को उनके निलंबन की अधिसूचना जारी कर दी। श्वेता गुप्ता फिलहाल बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें JPSC परीक्षा मामले की जांच कर रही CID ने 22 जुलाई को गिरफ्तार किया था।

गिरफ्तारी के करीब एक महीने बाद श्वेता गुप्ता के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद से वह जेल में थीं, लेकिन अब तक उनका निलंबन नहीं हुआ था। बताया जा रहा है कि उनके मामले से संबंधित अधिकृत सूचना लंबे समय तक कार्मिक विभाग को प्राप्त नहीं हुई थी। इसी वजह से निलंबन की प्रक्रिया लंबित थी।
48 घंटे न्यायिक हिरासत में रहने पर निलंबन का प्रावधान
सरकारी सेवा के सामान्य नियमों के मुताबिक, किसी सरकारी सेवक की गिरफ्तारी होने या उसके 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहने की स्थिति में उसे निलंबित किए जाने का प्रावधान है। श्वेता गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद से ही उनके निलंबन की प्रक्रिया को लेकर चर्चा थी। अब विभाग ने अधिसूचना जारी कर उन्हें निलंबित कर दिया है।
दोबारा JPSC में उप परीक्षा नियंत्रक बनी थीं श्वेता गुप्ता
श्वेता गुप्ता झारखंड प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं। वह इससे पहले भी JPSC में उप परीक्षा नियंत्रक के पद पर कार्य कर चुकी हैं। करीब दो साल से अधिक समय तक इस पद पर रहने के बाद उनका तबादला खाद्य आपूर्ति विभाग में कर दिया गया था।
तबादले के बाद श्वेता गुप्ता ने खाद्य आपूर्ति विभाग में योगदान नहीं दिया था। इसके बाद कार्मिक विभाग की ओर से उन्हें पत्र जारी कर नए विभाग में योगदान करने का निर्देश दिया गया था।
योगदान के बाद फिर JPSC में हुई प्रतिनियुक्ति
कार्मिक विभाग के निर्देश के बाद श्वेता गुप्ता ने खाद्य आपूर्ति विभाग में योगदान दिया। हालांकि, इसके बाद उन्हें दोबारा JPSC में प्रतिनियुक्त कर दिया गया। उनकी प्रतिनियुक्ति की अवधि 15 दिनों के लिए थी।
लेकिन प्रतिनियुक्ति के 13 दिन बाद ही CID ने उन्हें JPSC परीक्षा मामले में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद से वह न्यायिक हिरासत में हैं। अब कार्मिक विभाग ने उनके निलंबन की अधिसूचना जारी कर दी है।
JPSC परीक्षा मामले में CID की जांच जारी
JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर CID की जांच जारी है। इसी जांच के क्रम में श्वेता गुप्ता की गिरफ्तारी हुई थी। अब उनके निलंबन के बाद मामले में प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई आगे बढ़ गई है।
यह मामला JPSC परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच से संबंधित है। CID की जांच में आगे और क्या तथ्य सामने आते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।







