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झारखंड में शुरू होगा SIR महा-अभियान, प्रवासी मतदाताओं के लिए आयोग ने जारी किए विशेष दिशा-निर्देश

Ranchi: विदेश में रहने वाले झारखंड के प्रवासी मजदूरों के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने खास प्रबंध किया है. विदेश में रहने वाले प्रवासी मजदूरों को चुनाव आयोग द्वारा जारी फार्म-6A को भरकर गणना प्रपत्र के साथ देना होगा. फार्म 6A भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है. इसके अलावा एसआईआर के दौरान प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र की दो-दो प्रति जारी होगी. जिसे भरकर आयोग को जमा करना है.
 
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Ranchi: यदि आप झारखंड के किसी भी जिले के वोटर हैं और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान आप राज्य या देश से बाहर हैं तो चिंता करने की बात नहीं है आपका नाम वोटर लिस्ट में सुरक्षित रहेगा. इसके लिए बस आपको थोड़ी सी पहल करनी होगी जिससे आपका नाम मतदाता सूची में जुड़ा रहेगा.

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार के अनुसार, ऐसे वोटर अपना नाम मैपिंग कराने के लिए बीएलओ से फोन पर संपर्क कर डिटेल्स दे सकते हैं. उनके नाम की मैपिंग हो जायेगी. बीएलओ से संपर्क करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर बुक कॉल की सुविधा है, जिसके माध्मम से बीएलओ खुद वोटर को फोन करेंगे. बीएलओ से फोन पर संपर्क होने पर मैपिंग हो जायेगी. चूंकि मैपिंग बीएलओ ही करेंगे इसके लिए उन्हें उनसे संपर्क करना ही होगा. वोटर खुद से भी बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं.

गणना प्रपत्र के लिए करने होंगे ये काम

इसके अलावा एसआईआर के दौरान वैसे प्रवासी मजदूर जो देश के दूसरे राज्यों में हैं, वे गणना प्रपत्र को भरकर या तो ऑनलाइन जमा कर सकते हैं या बीएलओ को वाट्सएप पर भेजकर प्रक्रिया पूरी करवा सकते हैं. इसके अलावा प्रवासी मजदूर डाक से भी गणना प्रपत्र पर हस्ताक्षर कर इसे बीएलओ या एईआरओ को भेज सकते हैं.

विदेश में रहने वाले झारखंड के प्रवासी मजदूरों के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने खास प्रबंध किया है. विदेश में रहने वाले प्रवासी मजदूरों को चुनाव आयोग द्वारा जारी फार्म-6A को भरकर गणना प्रपत्र के साथ देना होगा. फार्म 6A भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है. इसके अलावा एसआईआर के दौरान प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र की दो-दो प्रति जारी होगी. जिसे भरकर आयोग को जमा करना है.

रांची में मैपिंग का काम जारी

रांची के धुर्वा सेक्टर 2 स्थित केंद्रीय विद्यालय मतदान केंद्र के बीएलओ राकेश मुंडा कहते हैं कि मैपिंग का कार्य जारी है. चुनाव आयोग के निर्देश पर 2003 के मतदाता सूची से वर्तमान मतदाता सूची की मैपिंग की जा रही है. इसमें झारखंड से बाहर रह रहे प्रवासी मजदूर भी शामिल हैं.

धुर्वा के संजय कुमार कहते हैं कि उनके खुद के भाई इंदौर में डॉक्टर हैं. जिनकी पढ़ाई लिखाई सब कुछ रांची से हुई है. वह यहां के वोटर भी हैं, लेकिन रोजी रोजगार के लिए वहां रह रह हैं. ऐसे में वह परेशान थे कि उनका नाम वोटर लिस्ट में कैसे आएगा.

बहरहाल, झारखंड में अब तक 73.25% मैपिंग हुई है और करीब 27% मतदाताओं की मैपिंग अभी नहीं हुई है. जिसे लेकर अनमैप्ड वोटर की सूची प्रत्येक मतदान केन्द्र पर जारी की जा चुकी है. आगामी 30 जुन से डोर टू डोर पुनरीक्षण शुरू हो रहा है. इससे पहले आयोग मैपिंग का काम पुरा करना चाहता है.

झारखंड के लाखों प्रवासी मजदूर हैं बाहर

झारखंड से रोजगार के लिए दूसरे राज्यों और विदेशों में पलायन करने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या 16 लाख से अधिक है. झारखंड विधानसभा में राज्य सरकार द्वारा यह आंकड़ा प्रस्तुत किया गया था. हालांकि, झारखंड प्रवासन सर्वेक्षण में यह संख्या लगभग 45 लाख आंकी गई थी.