धनबाद में अनोखी नियुक्ति: आठवीं पास महिला को दी गई मजिस्ट्रेट की भूमिका, प्रशासन ने क्या कहा...
Jharkhand: यह खबर सुनने में चौंकाने वाली लगती है, लेकिन ऐसे मामलों में अक्सर पूरी सच्चाई हेडलाइन से थोड़ी अलग होती है. लेकिन इस बार मामला वही है जो आप सोच रहे हैं. इस तरह की गलतियों को आप और हम क्या कहेंगे. बस यही कह सकते हैं कि ये हमारे सिस्टम की बहुत बड़ी लापरवाही है. जो सरकार की कार्यशैली पर बहुत बड़ा सवाल खड़ा करती है. ये हमारे देश की विडंबना है जिस क्षेत्र को सबसे ज्यादा मजबूत होना चाहिए वो आज निरस्त ओर फेल होती दिखाई दे रही है.
धनबाद प्रशासन द्वारा किसी “आठवीं पास महिला” को “मजिस्ट्रेट” बना देने का मतलब आमतौर पर यह नहीं होता कि उसे स्थायी न्यायिक या कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया गया है। भारत में मजिस्ट्रेट बनने के लिए सामान्यतः उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाएं (जैसे UPSC या राज्य लोक सेवा आयोग) जरूरी होती हैं.
मात्र आठवीं कक्षा तक शिक्षित इस महिला को जिला प्रशासन ने होमगार्ड के जवानों की भर्ती में दंडाधिकारी, यानी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया है। अब महिला परेशान है कि वह क्या करे? महिला मध्य विद्यालय धैया में माता समिति की संयोजिका है. उसे समझ नहीं आ रहा कि उसे दंडाधिकारी क्यों बना दिया गया?मात्र आठवीं कक्षा तक शिक्षित इस महिला को जिला प्रशासन ने होमगार्ड के जवानों की भर्ती में दंडाधिकारी, यानी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया है. अब महिला परेशान है कि वह क्या करे? महिला मध्य विद्यालय धैया में माता समिति की संयोजिका है. उसे समझ नहीं आ रहा कि उसे दंडाधिकारी क्यों बना दिया गया?
मध्य विद्यालय धैया में माता समिति की रूपम देवी मध्याह्न भोजन योजना समिति की संयोजिका हैं. वे आठवीं कक्षा तक पढ़ी हैं. उनको 18 अप्रैल को विधि व्यवस्था कोषांग की ओर से जारी किया गया एडीएम लॉ एंड ऑर्डर का एक पत्र मिला.
इस पत्र में लिखा है कि, उच्च विद्यालय धनबाद की आशा कुमारी के स्थान पर रूपम देवी, संयोजिका मध्य विद्यालय को दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त क्या जाता है. उनको लिखित परीक्षा और शारीरिक योग्यता परीक्षा में सफल उम्मीदवारों की हिंदी लेखन क्षमता की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई हैमध्य विद्यालय धैया में माता समिति की रूपम देवी देवी मध्याह्न भोजन योजना समिति की संयोजिका हैं.
वे आठवीं कक्षा तक पढ़ी हैं. उनको 18 अप्रैल को विधि व्यवस्था कोषांग की ओर से जारी किया गया एडीएम लॉ एंड ऑर्डर का एक पत्र मिला. इस पत्र में लिखा है कि, उच्च विद्यालय धनबाद की आशा कुमारी के स्थान पर रूपम देवी, संयोजिका मध्य विद्यालय को दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त क्या जाता है. उनको लिखित परीक्षा और शारीरिक योग्यता परीक्षा में सफल उम्मीदवारों की हिंदी लेखन क्षमता की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है.
कैसे बना दिया दंडाधिकारी? तनाव में रूपम देवी
अब सवाल उठ रहा है कि आठवीं तक शिक्षित रूपम देवी होमगार्ड जवानों की भर्ती परीक्षा में शामिल होने वालों की हिंदी लेखन क्षमता की जांच कैसे करेंगी? धनबाद प्रशासन के पत्र से हैरान और परेशान रूपम देवी के मुताबिक उन्हें शनिवार को उनके मोबाइल फोन पर यह पत्र मिला था। इसमें उन्हें सूचना दी गई है कि उन्हें दंडाधिकारी के पद पर प्रतिनियुक्ति दी गई है। उन्होंने बताया कि वे अधिक पढ़ी-लिखी नहीं हैं और यह जिम्मेदारी मिलने से तनाव में हैं। उनके मुताबिक वे मध्याह्न भोजन के लिए सामान लेकर आती हैं और बच्चों को खाना खिलाती हैं। वे हैरत में हैं कि उनका नाम दंडाधिकारी के पद के लिए कैसे आ गया
कैसे बना दिया दंडाधिकारी? तनाव में रूपम देवी
अब सवाल उठ रहा है कि आठवीं तक शिक्षित रूपम देवी होमगार्ड जवानों की भर्ती परीक्षा में शामिल होने वालों की हिंदी लेखन क्षमता की जांच कैसे करेंगी? धनबाद प्रशासन के पत्र से हैरान और परेशान रूपम देवी के मुताबिक उन्हें शनिवार को उनके मोबाइल फोन पर यह पत्र मिला था. इसमें उन्हें सूचना दी गई है कि उन्हें दंडाधिकारी के पद पर प्रतिनियुक्ति दी गई है.
उन्होंने बताया कि वे अधिक पढ़ी-लिखी नहीं हैं और यह जिम्मेदारी मिलने से तनाव में हैं. उनके मुताबिक वे मध्याह्न भोजन के लिए सामान लेकर आती हैं और बच्चों को खाना खिलाती हैं. वे हैरत में हैं कि उनका नाम दंडाधिकारी के पद के लिए कैसे आ गया.
नियुक्ति में गलती कहां हुई?
धनबाद के बिरसा मुंडा कॉम्पलेक्स में होमगार्ड भर्ती परीक्षा चल रही है। इसमें रूपम देवी को सोमवार को पहुंचना था लेकिन वे नहीं गईं। आखिर वे वहां पहुंचकर करतीं भी क्या? वे सोमवार को स्कूल में बच्चों को खाना खिलाती रहीं। हालांकि उनके विद्यालय के शिक्षकों ने इस बारे में प्रशासन से मार्गदर्शन मांगा , पर कोई जवाब नहीं मिला। धनबाद के एडीएम लॉ एंड ऑर्डर हेमा प्रसाद ने कहा है कि वे इस मामले से अनभिज्ञ हैं। दंडाधिकारी के लिए नाम शिक्षा विभाग ने ही भेजा था। इसमें गलती कहां हुई है, इसकी जांच कराई जाएगी
नियुक्ति में गलती कहां हुई?
धनबाद के बिरसा मुंडा कॉम्पलेक्स में होमगार्ड भर्ती परीक्षा चल रही है. इसमें रूपम देवी को सोमवार को पहुंचना था लेकिन वे नहीं गईं. आखिर वे वहां पहुंचकर करतीं भी क्या? वे सोमवार को स्कूल में बच्चों को खाना खिलाती रहीं. हालांकि उनके विद्यालय के शिक्षकों ने इस बारे में प्रशासन से मार्गदर्शन मांगा , पर कोई जवाब नहीं मिला. धनबाद के एडीएम लॉ एंड ऑर्डर हेमा प्रसाद ने कहा है कि वे इस मामले से अनभिज्ञ हैं. दंडाधिकारी के लिए नाम शिक्षा विभाग ने ही भेजा था. इसमें गलती कहां हुई है, इसकी जांच कराई जाएगी.







