झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण, भविष्य के लिए झारखंड के रोडमैप के बारे में दी जानकारी...
Ranchi: राज्यपाल ने बताया कि सरकार ने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराध और उग्रवाद पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है.
Feb 18, 2026, 19:01 IST
Ranchi: झारखंड विधानसभा के वर्ष 2026 के प्रथम सत्र की शुरुआत 18 फरवरी को हुई. सत्र के पहले दिन सदन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अभिभाषण दिया.
उन्होंने नववर्ष की शुभकामनाओं के साथ सदन और राज्यवासियों का अभिनंदन किया और कहा कि सरकार का संकल्प राज्य के समावेशी विकास, सामाजिक सौहार्द और सुशासन को मजबूती देना है.
राज्यपाल ने बताया कि सरकार ने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराध और उग्रवाद पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है.
वर्ष 2025 में साइबर अपराध के 1,413 मामलों में 1,268 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, जबकि हेल्पलाइन 1930 के जरिए 111 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ब्लॉक कराई गई. भ्रष्टाचार के मामलों में भी 54 लोक सेवकों की गिरफ्तारी की गई, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता को बल मिला है.
औद्योगिक विकास पर बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि झारखंड ने स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है.
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में पहली बार भागीदारी कर राज्य ने निवेश-अनुकूल नीतियों और सतत विकास मॉडल को प्रस्तुत किया. ग्रीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स, पर्यटन, उच्च शिक्षा और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं रेखांकित की गईं.
दावोस के बाद लंदन समेत यूनाइटेड किंगडम में हुई बैठकों से अब तक करीब 1.27 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं.
राज्यपाल ने कहा कि MSME और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए झारखंड MSME (स्पेशल कंसेशन) एक्ट, 2025 लागू किया गया है. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत सिंगल विंडो सिस्टम को अपग्रेड किया गया है.
बेरोजगार युवाओं के लिए 229 भर्ती कैंप और 85 रोजगार मेलों के माध्यम से 12,576 युवाओं को रोजगार मिला. प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए सात राज्यों में प्रवासन सहायता केंद्र खोले गए हैं.
ई-गवर्नेंस को प्रभावी माध्यम बनाते हुए रांची, सिंदरी और देवघर में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क तैयार किए गए हैं. आईटी, डेटा सेंटर और स्टार्टअप पॉलिसी से युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में अवसर मिल रहे हैं. ग्राम पंचायतों तक इंटरनेट सुविधा पहुंचाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है.
राज्यपाल ने बताया कि धान के साथ-साथ करंज बीज, रागी, महुआ और साल बीज जैसे वन उत्पादों की व्यवस्थित खरीद शुरू की गई है. SIDHKOFED के माध्यम से MSP से 30-100 प्रतिशत अधिक दर पर खरीद कर किसानों और वन आश्रित परिवारों को लाभ पहुंचाया गया है. कृषि ऋण माफी योजना के तहत 2,307 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया है.
महिला सशक्तिकरण की दिशा में 4 लाख से अधिक ‘लखपति दीदी’ चिन्हित की गई हैं. मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से 51 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं. शिक्षा क्षेत्र में STEM लैब, मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय और चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम शुरू किए गए हैं. स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए रांची में रिम्स-2 मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति और आयुष्मान योजनाओं के विस्तार की घोषणा की गई.
इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, पर्यावरण और योजनाएं
सड़क, पुल, फ्लाईओवर और ग्रामीण संपर्क सुदृढ़ करने के लिए हजारों करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं. पर्यटन स्थलों के विकास के साथ वनावरण बढ़ाने और वृक्षारोपण पर भी जोर दिया गया है. राज्यपाल ने बताया कि पेसा नियमावली, 2025 ने प्राकृतिक और सामुदायिक संसाधनों पर ग्राम सभा के अधिकारों को स्पष्ट किया है.
सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत वर्तमान वित्ताय वर्ष में करीब 3 लाख 50 हजार लाभुकों को 130 करोड़ की राशि दी गई है. झारखंड देश में सर्वाधिक 1 लाख से अधिक बाल विवाह रोकने वाला राज्य बना है.
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत वित्तीय वर्ष में अब तक 17.5 लाख छात्र-छात्राओं को 337 करोड़ की राशि डीबीटी के जरिए दी गई है. साईकिल वितरण योजना के तहत 3 लाख 70 हजार साईकिल का वितरण हुआ है.
मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्त योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में कुल 24 विद्यार्थियों का चयन हुआ है.
राज्य के 29,404 गांवें से 7,000 से अधिक गांवों तक शत प्रतिशत एफएचटीसी से अच्छादित किया गया है, जिसमें से 3,129 गांवों को ग्राम सभा के माध्यम से हर घर जल गांव घोषित किया गया है.
राज्य सरकार नीलामी योग्य खनिज ब्लॉक तैयार कर रही है. अबतक कुल 11 खनिज ब्लॉक जिसमें 3 लौह अयस्क, 3 ग्रेफाईट, 2 स्वर्ण, 2 चूनापत्थर और 1 बॉक्साईट खनिज ब्लॉक की नीलामी की गई है.
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अबतक 1,644 किमी पथ निर्माण किया गया है. मुख्यमंत्री जन-वन योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में 3,500 एकड़ ग्रामीणों की निजी भूमि पर फलदार और काष्ठ प्रजाति के 10 लाख पौधे रोपित किए गये हैं.
झारखंड कृषि ऋण माफी योजना के तहत अबतक कुल 2,307 करोड़ का ऋण माफ किया गया है.
अभिभाषण के अंतिम पड़ाव पर राज्यपाल ने केंद्र सरकार से झारखंड के विकास के लिए अपेक्षित सहयोग की उम्मीद जताई और सदन से जनहित में रचनात्मक चर्चा की अपील की. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर वर्ग के लिए विकास और कल्याण सुनिश्चित करना है.







