झारखंड में माफियाओं के खिलाफ मेगा एक्शन की तैयारी, पलामू-गढ़वा-लातेहार में एसपी करेंगे संयुक्त अभियान की अगुवाई
Palamu: पलामू, गढ़वा एवं लातेहार के इलाके में होने वाली आपराधिक घटनाओं और हत्याओं में से 40 प्रतिशत मामले जमीन विवाद से जुड़े हुए होते हैं. पलामू जैसे इलाके में जमीन के कारोबार में कई हत्याएं हुई हैं. 2023 -24 में अगर पलामू की बात करें तो इस इलाके में 237 हत्याए हुई थीं जिनमें से 40 प्रतिशत घटनाएं जमीन विवाद की थीं.
Palamu: झारखंड में जमीन माफिया और संगठित अपराध के खिलाफ अब निर्णायक कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है. सरकार और पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अवैध जमीन कब्जा, फर्जी दस्तावेजों के जरिए खरीद-बिक्री और आपराधिक नेटवर्क को संरक्षण देने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. इसी कड़ी में पलामू, गढ़वा और लातेहार के पुलिस अधीक्षकों को इस अभियान की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है.
तीन जिलों में संयुक्त रणनीति
सूत्रों के मुताबिक, इन तीनों जिलों में जमीन से जुड़े अपराधों और माफिया नेटवर्क की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही थीं. अब इन मामलों पर अलग-अलग नहीं, बल्कि संयुक्त रणनीति के तहत कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए तीनों जिलों की पुलिस आपस में समन्वय बनाकर काम करेगी, ताकि अपराधियों को एक जिले से दूसरे जिले में भागने का मौका न मिले.
पलामू, गढ़वा एवं लातेहार के जमीन माफिया एवं आपराधिक गठजोड़ के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है. पहले चरण में जमीन कारोबारी की सूची तैयार की जा रही है और तीन अलग-अलग कैटेगरी में बांटा जा रहा है. पलामू, गढ़वा और लातेहार के SP को इस मामले की जिम्मेदारी दी गई है और उन्हें एक लिस्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है.
जमीन कारोबारी का अपराधियों के साथ गठजोड़ और उनके निकट नेटवर्क को भी खंगाला जा रहा है. दरअसल हाल के दिनों में पलामू, गढ़वा एवं लातेहार के इलाकों में कई अपराधिक घटनाएं हुई हैं जिनमें जमीन विवाद का मामला निकलकर सामने आया है. जमीन विवाद में आपराधिक गठजोड़ की भी बात सामने आई है. इसके बाद पुलिस ने विशेष योजना तैयार की है.
सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जमीन कारोबारी और आपराधिक लिंक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. जमीन कारोबारी की सूची तैयार की जा रही है और तीन अलग-अलग कैटेगरी में बांटा जा रहा है. प्रमंडल में देखा गया है कि जमीन विवाद में कई घटनाएं हुई हैं, इसी को ध्यान में रखकर निर्देशित किया गया है और कहा गया है आपराधिक छवि वाले, खास कर वैसे लोग जो विवाद का लाभ उठाने या फिर कब्जा करने की कोशिश करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
वैसे लोग भी हैं जो जानबूझकर बात को आगे बढ़ाते, फर्जी कागज तैयार करते और इसका फायदा उठाने की कोशिश करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है. ऐसे सभी लोगों की सूची तैयार करने के लिए सभी एसपी को निर्देश दिया गया है. पुलिस जमीन कारोबार एवं अपराधिक गठजोड़ के खिलाफ सख्त नीति अपनाने जा रही है. - किशोर कौशल, डीआईजी, पलामू
जमीन विवाद में होती हैं 40% हत्यााएं
पलामू, गढ़वा एवं लातेहार के इलाके में होने वाली आपराधिक घटनाओं और हत्याओं में से 40 प्रतिशत मामले जमीन विवाद से जुड़े हुए होते हैं. पलामू जैसे इलाके में जमीन के कारोबार में कई हत्याएं हुई हैं. 2023 -24 में अगर पलामू की बात करें तो इस इलाके में 237 हत्याए हुई थीं जिनमें से 40 प्रतिशत घटनाएं जमीन विवाद की थीं.
2025 में 20 से अधिक हत्याएं जमीन के विवाद में हुई थीं. हाल के दिनों में पलामू, गढ़वा एवं लातेहार के इलाके में जमीन के कारोबार बढ़े हैं और इसके स्वरूप भी बदले हैं. पुलिस को जानकारी मिली है कि जमीन के कारोबार में अपराध का इस्तेमाल हो रहा है. दो अप्रैल को मेदिनीनगर टाउन थाना क्षेत्र में समीर उर्फ गुड्डू की हत्या कर दी गई थी. हत्याकांड में जमीन का विवाद और कारोबार निकल कर सामने आया था जिसमें सुपारी किलर का इस्तेमाल हुआ था.
निम्नलिखित तीन कैटेगरी में बांटा गया जमीन कारोबार से जुड़े अपराध को
कैटेगरी 01- वैसे जमीन कारोबारी जिनका आपराधिक इतिहास रहा है और बड़े आपराधिक घटनाओं के आरोपी हैं, उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा एवं अपराध में उनकी भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
कैटेगरी 02- वैसे जमीन कारोबारी जो विवाद को पैदा करते हैं, फर्जी तरीके से कागजात तैयार करते हैं और जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करते है. जिनके खिलाफ लगातार शिकायत की गई हैं, उनके खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की जाएगी.
कैटेगरी 03- वैसे लोग जो जमीन विवाद में हस्तक्षेप करते हैं और इसे बढ़ावा देते हैं, जिनके खिलाफ थाना में समझौता हुआ हो या हिरासत में लेने के बाद कार्रवाई हुई हो. उनकी समीक्षा की जाएगी.







