स्पंज आयरन प्लांट ब्लास्ट केस: रामगढ़ में हादसे के बाद मंत्री का बड़ा फैसला, मृतकों के परिजनों को तत्काल मुआवजा, जांच के आदेश
Ramgarh: जिला के हेसला स्थित स्पंज प्लांट झारखंड इस्पात प्लांट प्राइवेट लिमिटेड में सोमवार 6 अप्रैल को हुए भीषण हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया.
इंडक्शन फर्नेस में अचानक हुई दुर्घटना में 9 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए जिसमें से गंभीर रूप से घायल 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 6 अन्य गंभीर रूप से घायल मजदूरों का इलाज रांची में चल रहा है. जिनमें से क्यों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
देर रात तक घटना के विरोध में जनप्रतिनिधियों द्वारा प्लांट गेट के बाहर मुआवजे की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन दिया गया. मुआवजे की सहमति बनी तब जाकर प्लांट गेट से धरना खत्म हुआ पूरे मामले की जानकारी मिलने के बाद झारखंड सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास मंत्री संजय यादव ने तत्काल संज्ञान लेते हुए विभागीय सचिव को हाई लेवल जांच कमेटी गठित करने का निर्देश दिया.

झारखंड सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास मंत्री संजय यादव ने आज मंगलवार 7 अप्रैल को रांची स्थित पहुंचकर इलाजरत मजदूरों का हालचाल जाना. अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिया कि घायलों को हरसंभव बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए और इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी.
इसके बाद झारखंड सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास मंत्री संजय यादव रामगढ़ पहुंचकर मृतकों के आश्रितों के घर गए और प्रत्येक मृतक परिवार को कंपनी द्वारा 21-21 लाख रुपए का चेक सौंपा गया. मंत्री ने अपने स्तर से 21-21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी.

मंत्री ने सभी पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर दुख-सुख में उनके साथ खड़ी है. इस मौके पर रामगढ़ विधायक भी मौजूद रहीं. मंत्री ने साफ कहा कि जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. फैक्ट्री प्रबंधन को निर्देश दिया गया कि मृत मजदूरों के परिवार को पेंशन एवं अन्य लाभ दिए जाएं.
फैक्ट्री और लेबर इंस्पेक्टर को निर्देश दिया गया कि वे समय-समय पर परिवारों से मिलकर उनका भरोसा बनाए रखें. मंत्री ने यह भी घोषणा करते हुए कहा कि मृतकों की बच्चों की पढ़ाई बेटियों की शादी इन सभी आवश्यक खर्चों को सरकार प्राथमिकता के आधार पर वहन करेगी.
इस दौरान प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार, उपाध्यक्ष गिरधारी यादव, संतोष यादव, जितेंद्र यादव, संजय यादव, अरुण राय सहित बड़ी संख्या में नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे. साथ ही लेबर सुपरिटेंडेंट, फैक्ट्री इंस्पेक्टर और अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे.







