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टेबल पर नोटों का ढेर, फ्रेम में तृणमूल नेता: वायरल वीडियो ने बंगाल में राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया

West Bengal: पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के एक नेता से जुड़ा कथित नकदी लेनदेन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है...
 
TMC
West Bengal: पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच उत्तर 24 परगना के बारासात में टीएमसी नेता के सामने रखे टेबल पर भारी मात्रा में नोटों के बंडल रखे होने का वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है.
हालांकि इस वीडियो की सच्चाई की पुष्टि न्यूजहाट नहीं करता है. लेकिन वीडियो क्लिप में दिखाई दे रहा है कि बारासात ब्लॉक नंबर एक के पंचायत समिति के उपाध्यक्ष मोहम्मद गियासुद्दीन मंडल बैठे हैं. रुपयों के बंडल के ठीक पीछे एक व्यापारी भी कुर्सी पर बैठा है. वह फ़ोन पर किसी और से बात करने में व्यस्त है. इस दौरान फोन पर बातचीत में, उसे यह कहते हुए सुना गया, कैश नहीं लेंगे, फ़ाइनेंस से पैसे चाहिए.
वीडियो सामने आने के बाद ऐसे सवाल उठने लगे हैं कि यह सारा पैसा किस काम का है? वहीं बीजेपी ने इसको लेकर तृणमूल पर तंज कसा है.
सत्ताधारी टीएमसी ने कहा है कि यदि वीडियो असली पाया जाता है तो पार्टी सही एक्शन लेगी. वीडियो में दिख रहे नोटों की गड्डियों ने कुर्सी पर बैठे बिजनेसमैन के चेहरे को लगभग ढक दिया है. उनके बाईं ओर गियासुद्दीन मंडल हैं. वह भी किसी से फोन पर बात कर रहे हैं. मोहम्मद गियासुद्दीन इलाके में एक प्रभावशाली तृणमूल नेता के रूप में जाने जाते हैं. पता चला है कि वह लंबे समय से जमीन के लेन-देन में शामिल रहा है.
वीडियो में टेबल पर पांच सौ रुपये के नोटों के बंडल रखे हुए दिख रहे हैं. साथ ही उस कमरे में दो लोग पैसे गिनते हुए दिख रहे हैं. थोड़ी देर बाद एक व्यक्ति नायलॉन बैग लेकर आता है. वह बैग भी पैसों से भरा हुआ है. हालांकि, लोगों में यह जानने की उत्सुकता पैदा हो गई है कि वह पैसा क्या है.
हालांकि, तृणमूल नेता गियासुद्दीन मंडल ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया. परंतु, उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि वीडियो 2002 का है. उस कमरे में जमीन के लेन-देन के पैसे गिने जा रहे थे. गियासुद्दीन के करीबी लोगों का दावा है कि उस लेन-देन में तृणमूल नेता का कोई रोल नहीं था. हालांकि, उन्होंने फ़ोन नहीं उठाया.
इस बीच, वीडियो को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू शुरू हो गई है. पर भी तक यह पता नहीं चल पाया है कि यह वीडियो किसने बनाया.
भाजपा ने इस मुद्दे पर तृणमूल की आलोचना की है. इस संबंध में, भाजपा राज्य समिति के सदस्य तपस मित्रा ने कहा, "गियासुद्दीन मंडल एक भू-माफिया है. तृणमूल पार्टी इन सभी चोरों और माफियाओं के साथ चल रही है. और यह घटना इस बात का सबूत है कि सत्ताधारी पार्टी के नेता पश्चिम बंगाल को कैसे लूट रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस के नेता अब मैदानों में रहना पसंद नहीं करते. जहां भी उन्हें रुपयों का पहाड़ दिखता है, वे वहीं रुक जाते हैं. उन्होंने कहा कि गियासुद्दीन मंडल और उससे जुड़े लोगों को तुरंत ईडी की कस्टडी में लेने की जरूरत है और इस पैसे के स्रोत का पता लगाने की ज़रूरत है."
दूसरी तरफ, बारासात ब्लॉक नंबर 1 के तृणमूल पार्टी कोऑर्डिनेटर मोहम्मद ईशा सरदार ने कहा, "मुझे इस बारे में पहले कुछ नहीं पता था. मुझे आज ही पता चला. मैं बस इतना कह सकता हूं कि अगर कोई गैर-कानूनी ट्रांज़ैक्शन हुआ है, तो मैं पार्टी को बताऊंगा। पार्टी उसी हिसाब से एक्शन लेगी."