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'अपनी औकात में रहो' टिप्पणी से गरमाई हॉकी राजनीति, असुंता लकड़ा ने महासचिव पर लगाए गंभीर आरोप

Jharkhand: "मैं तुम्हारा हॉकी करियर रुकवा दूंगा." लकड़ा ने सवाल उठाया कि क्या खिलाड़ियों को ऐसी धमकियां सहते हुए चुप रहना चाहिए, जबकि वे खिलाड़ियों की सुरक्षा और हितों की बात कर रहे हों.
 
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Jharkhand: पूर्व भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान असुंता लकड़ा ने हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं. लकड़ा ने दावा किया कि उन्हें एक यौन उत्पीड़न मामले में आवाज उठाने के कारण धमकाया गया और उनके हॉकी करियर को खत्म करने की चेतावनी दी गई. लकड़ा के अनुसार, 9 मई को शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच उन्हें भोलानाथ सिंह का फोन आया था. उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान महासचिव ने उनसे कहा, "असुंता, अपनी औकात में रहो. जितना बोलना चाहिए, उतना ही बोलो."

लकड़ा ने कहा कि बाद में वह अपने पति के साथ महासचिव के कार्यालय भी गई थीं. वहां उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी के निजी मामलों में दखल नहीं दे रही हैं, बल्कि युवा महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए आवाज उठा रही हैं. उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति का नाम कई लड़कियों के साथ जुड़ना गंभीर चिंता का विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

'करियर रुकवा दूंगा' कहकर दी धमकी

पूर्व कप्तान का आरोप है कि मुलाकात के दौरान भोलानाथ सिंह ने उन्हें सीधे तौर पर धमकाते हुए कहा, "मैं तुम्हारा हॉकी करियर रुकवा दूंगा." लकड़ा ने सवाल उठाया कि क्या खिलाड़ियों को ऐसी धमकियां सहते हुए चुप रहना चाहिए, जबकि वे खिलाड़ियों की सुरक्षा और हितों की बात कर रहे हों.

चयनकर्ता असुंता लकड़ा ने पूर्व कोच सुधीर गोला पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. लकड़ा ने कहा कि सुधीर गोला के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हैं और महिला खिलाड़ी डरी हुई हैं, फिर भी उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है. उनका दावा है कि गोला लड़कियों के हॉस्टल में देर रात पहुंचे थे और खिलाड़ियों को लाइन में खड़ा होने के लिए कहा था, साथ ही कोर्ट जाने की धमकी भी दी थी. 

लकड़ा के मुताबिक, खिलाड़ियों ने लिखित बयान भी दिए हैं, लेकिन कार्रवाई के बजाय शिकायत उठाने वालों को ही धमकियां मिल रही हैं. उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत झारखंड के खेल मंत्री और मुख्यमंत्री से भी की गई थी. लकड़ा ने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति पर आरोप हैं, वही जांच प्रक्रिया से जुड़ा दिखाई दे रहा है, जो निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है. 

असुंता लकड़ा ने कहा कि उन्होंने भारत के लिए खेला है, पदक जीते हैं और देश की सेवा की है. ऐसे में खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर आवाज उठाना उनका अधिकार और जिम्मेदारी दोनों है. उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर बोलने वालों को ही धमकाया जाएगा, तो यह खेल व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है.

लकड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे एक कोच को बचाने की कोशिश की जा रही है. उनके इन आरोपों के बाद हॉकी प्रशासन और खेल जगत में नया विवाद खड़ा हो गया है. मामले पर हॉकी इंडिया की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है.