शिक्षा व्यवस्था पर सख्ती: मैट्रिक के कमजोर नतीजों को लेकर डीसी ने ली समीक्षा बैठक
Jharkhand: मैट्रिक परीक्षा में आए खराब परिणाम को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. उपायुक्त (DC) ने संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों और शिक्षकों की समीक्षा बैठक बुलाकर उन्हें कड़ी फटकार लगाई. डीसी ने स्पष्ट कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी.
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बैठक के दौरान डीसी ने विषयवार परिणामों की समीक्षा करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले स्कूलों से स्पष्टीकरण मांगा. उन्होंने शिक्षकों को पढ़ाई की नियमित निगरानी, छात्रों की उपस्थिति, रीमेडियल क्लास, और मॉक टेस्ट पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए. साथ ही, स्कूल स्तर पर अकादमिक प्लान बनाकर समयबद्ध सुधार सुनिश्चित करने को कहा गया.
डीसी ने चेतावनी दी कि यदि आगामी परीक्षाओं में सुधार नहीं दिखा तो संबंधित स्कूलों और शिक्षकों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है. वहीं, बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को प्रोत्साहित करने की बात भी कही गई. जिले के 12 स्कूलों में 10 प्रतिशत या उससे अधिक छात्र फेल होने पर उपायुक्त ने संबंधित प्राचार्यों और शिक्षकों को जमकर फटकार लगाई. उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कंपार्टमेंटल परीक्षा में भी छात्र असफल होते हैं, तो जिम्मेदार शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
वार्षिक माध्यमिक परीक्षा के निराशाजनक परिणाम को लेकर समाहरणालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में मुख्यमंत्री उत्कृष्ट कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय निरसा समेत 12 विद्यालयों के प्राचार्य और शिक्षक उपस्थित हुए. उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर उनका भविष्य संवारना है.
ऐसे में शिक्षकों और प्राचार्यों की जिम्मेदारी केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर बच्चे की सफलता सुनिश्चित करना उनकी नैतिक जवाबदेही है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए संसाधनों और सुविधाओं की कोई कमी नहीं रहने दी. इसके बावजूद परीक्षा परिणाम संतोषजनक नहीं आना गंभीर चिंता का विषय है और यह शिक्षकों की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है.
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जो छात्र फेल हुए हैं या कमजोर प्रदर्शन किया है, उन्हें चिन्हित कर विशेष कक्षाएं चलाते हुए कंपार्टमेंटल परीक्षा की तैयारी कराई जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी छात्र असफल रहते हैं, तो संबंधित शिक्षक सीधे तौर पर जिम्मेदार माने जाएंगे. बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी अभिषेक झा भी मौजूद रहे. समीक्षा के दौरान निरसा, टुंडी, बाघमारा, तोपचांची, भूली और चिरकुंडा के कई विद्यालयों के परिणामों पर विस्तार से चर्चा की गई.







