Student Silent March: नारे नहीं, हाथों में फूल... रांची में छात्रों ने निकाला साइलेंट मार्च
Jharkhand Student Silent March: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन मंगलवार को 18वें दिन भी जारी रहा। इसी क्रम में ‘JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच’ के नेतृत्व में छात्रों और अभ्यर्थियों ने रांची में अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारी हाथों में फूल लेकर मौन जुलूस में शामिल हुए। मार्च जयपाल सिंह स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा।

नारेबाजी से दूर रहा साइलेंट मार्च
मौके पर छात्रों ने नारेबाजी नहीं की और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं। हाथों में फूल और जुबां पर खामोशी के जरिए प्रदर्शनकारियों ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और व्यवस्था में सुधार की मांग की। छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर है।
25 जुलाई से जारी है आंदोलन
JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं को लेकर छात्र 25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं। मंगलवार को आंदोलन का 18वां दिन रहा। छात्रों का कहना है कि सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठने से लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा प्रभावित होता है।
भर्ती प्रक्रिया में सुधार और निष्पक्ष जांच की मांग
आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली में सुधार और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना शामिल है। छात्रों ने कथित अनियमितताओं से जुड़ी कुछ परीक्षाओं को रद्द करने की मांग भी उठायी है। उनका कहना है कि जिन परीक्षाओं को लेकर सवाल उठे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
CBI जांच या सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति की मांग
प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि मामले की जांच CBI से करायी जाए। वैकल्पिक तौर पर राज्य के बाहर के उच्च न्यायालयों के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों का पैनल गठित कर जांच कराने की मांग भी की गयी है। छात्रों का कहना है कि जांच ऐसी स्वतंत्र व्यवस्था से होनी चाहिए, जिस पर किसी तरह के दबाव या पक्षपात का आरोप न लगे।
छह छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर
आंदोलन के दौरान छह प्रदर्शनकारी छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। इनमें से दो छात्रों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे आंदोलन को लेकर चिंता बढ़ गयी है। छात्र संगठनों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने और प्रदर्शनकारियों से बातचीत के जरिए उनकी मांगों पर निर्णय लेने की अपील की है।
सरकार के साथ छठे दौर की वार्ता भी बेनतीजा
रविवार को JPSC-JSSC मंच के प्रतिनिधियों और झारखंड सरकार के बीच छठे दौर की वार्ता हुई थी। हालांकि, बातचीत के बावजूद किसी ठोस नतीजे पर सहमति नहीं बन सकी। कई दौर की वार्ता के बाद भी गतिरोध बरकरार रहने के कारण छात्रों का आंदोलन जारी है।
फूलों के जरिए दिया शांतिपूर्ण विरोध का संदेश
मंगलवार के मार्च की सबसे खास बात रही कि प्रदर्शनकारियों ने हाथों में फूल लेकर मौन रहते हुए विरोध दर्ज कराया। जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकले इस मार्च के जरिए छात्रों ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, निष्पक्ष जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग दोहरायी। आंदोलन के 18वें दिन भी समाधान नहीं निकलने के बाद अब छात्रों की आगे की रणनीति और सरकार के अगले कदम पर नजर बनी हुई है।







