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10 बजे पिता से बात, कुछ देर बाद मौत की खबर; आदित्य की मौत ने खड़े किए बड़े सवाल

Ranchi:  रांची स्थित ट्रिपल आईटी के हॉस्टल में बिहार के पूर्णिया निवासी 20 वर्षीय छात्र आदित्य की मौत के बाद विवाद गहरा गया है. सीएसई ब्रांच के प्रथम वर्ष के छात्र की मौत के बाद विद्यार्थियों ने विरोध प्रदर्शन कर संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की मांग की.

 
ट्रिपल आईटी रांची में छात्र आदित्य की मौत से हड़कंप

Ranchi:  झारखंड की राजधानी रांची स्थित ट्रिपल आईटी (IIIT) के हॉस्टल में प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य (20) की मौत के बाद संस्थान की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले आदित्य की शनिवार रात हॉस्टल के कमरे में मौत हो गई। घटना के बाद विद्यार्थियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की मांग की। वहीं, मृतक के पिता विष्णुदेव कुमार राय ने खेलगांव थाने में प्राथमिकी दर्ज कराकर संस्थान के निदेशक और प्रबंधन के अन्य कर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

IIIT रांची में छात्र की मौत के बाद हंगामा, रातभर धरने पर बैठे विद्यार्थी,  रोड जाम

परिजनों और विद्यार्थियों ने आरोप लगाया है कि घटना के दौरान लिफ्ट बंद होने, एंबुलेंस में ड्राइवर और ऑक्सीजन की कथित अनुपलब्धता तथा मेडिकल स्टाफ की गैरमौजूदगी के कारण छात्र को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक जांच के नतीजे सामने आना अभी बाकी हैं। मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की ओर से भी संज्ञान लिए जाने की बात सामने आई है।

कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे साथी, पंखे से लटका मिला छात्र

जानकारी के अनुसार, आदित्य हॉस्टल के ब्लॉक-1 की पांचवीं मंजिल पर स्थित कमरा नंबर 504-B में रहता था। शनिवार रात खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में चला गया। इसी दौरान बिजली कट गई। कुछ देर बाद उसके रूममेट सक्षम वाहर ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला।

अनहोनी की आशंका होने पर प्रांजल पांडेय, रतन तिवारी, कार्तिक शर्मा और अन्य विद्यार्थियों ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। अंदर आदित्य गमछे के सहारे पंखे से लटका हुआ मिला। इसके बाद साथियों ने उसे बचाने और अस्पताल पहुंचाने की कोशिश शुरू की।

लिफ्ट बंद होने से छात्र को नीचे लाने में हुई देरी का आरोप

घटना के बाद विद्यार्थियों ने आदित्य को हॉस्टल की पांचवीं मंजिल से नीचे लाने का प्रयास किया। छात्रों का आरोप है कि बिजली गुल होने के कारण लिफ्ट बंद थी और परिसर में डीजी सेट होने के बावजूद उसे समय पर चालू नहीं किया गया। इसके चलते आदित्य को सीढ़ियों के रास्ते नीचे लाना पड़ा।

विद्यार्थियों के अनुसार, नीचे लाते समय आदित्य की सांसें चल रही थीं। उनका आरोप है कि इस दौरान कीमती समय बर्बाद हुआ और तत्काल चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी। घटना ने संस्थान में बिजली बैकअप और आपातकालीन व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था पर सवाल

मृतक के पिता विष्णुदेव कुमार राय ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि हॉस्टल परिसर में एंबुलेंस उपलब्ध होने के बावजूद मौके पर उसका ड्राइवर मौजूद नहीं था। उन्होंने एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था नहीं होने और हॉस्टल में मेडिकल स्टाफ की अनुपस्थिति का भी आरोप लगाया है।

पिता के मुताबिक, समय पर प्राथमिक उपचार और सीपीआर नहीं मिलने के कारण उनके बेटे को बचाने की कोशिश प्रभावित हुई। विद्यार्थियों ने आदित्य को नजदीकी भगवान महावीर मनिपाल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इन आरोपों के बीच संस्थान की ओर से आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की वास्तविक स्थिति और घटना के दौरान उठाए गए कदमों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।

रात 10 बजे हुई थी पिता से आखिरी वीडियो कॉल

आदित्य के पिता ने बताया कि 10 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे उनकी बेटे से वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान आदित्य ने हॉस्टल की कुछ असुविधाओं और परीक्षा से जुड़ी बातों का जिक्र किया था। इसके बाद उसने खाना खाने और सोने जाने की बात कहकर फोन काट दिया।

कुछ समय बाद पिता के पास एक अनजान नंबर से फोन आया, जिसमें उन्हें जल्द रांची पहुंचने के लिए कहा गया। बाद में दूसरे नंबर से उन्हें बेटे की मौत की सूचना मिली। इस खबर के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

पिता ने निदेशक और प्रबंधन के खिलाफ दर्ज कराई प्राथमिकी

आदित्य के पिता विष्णुदेव कुमार राय पटना पुलिस के कंट्रोल रूम में दारोगा के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने रविवार को खेलगांव थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसमें संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव और प्रबंधन के अन्य कर्मियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

पिता का आरोप है कि हॉस्टल में करीब एक हजार विद्यार्थी रहते हैं, लेकिन आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए जरूरी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन नहीं किया गया। उन्होंने हॉस्टल की व्यवस्थाओं और छात्रों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

सड़क जाम कर छात्रों का प्रदर्शन, निदेशक के इस्तीफे की मांग

छात्र की मौत की खबर फैलते ही हॉस्टल में आक्रोश फैल गया। रविवार सुबह करीब 10:30 बजे विद्यार्थियों ने खेलगांव हाउसिंग सोसाइटी के बाहर टाटीसिल्वे-खेलगांव मुख्य मार्ग जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी दिनभर विरोध जताते रहे।

विद्यार्थियों की प्रमुख मांग थी कि संस्थान के निदेशक तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें। छात्रों ने हॉस्टल में आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं, एंबुलेंस की उपलब्धता, बिजली बैकअप और मेडिकल स्टाफ की तैनाती को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की। सूचना मिलने पर खेलगांव थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभालने का प्रयास किया।

निदेशक बोले- अनियमितता मिली तो होगी कार्रवाई

रविवार दोपहर करीब एक बजे संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव आक्रोशित विद्यार्थियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और जहां भी अनियमितता या लापरवाही सामने आएगी, संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

हालांकि, विद्यार्थियों ने निदेशक को ही जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग दोहराई।

मीडिया से बातचीत में निदेशक ने कहा कि घटना के बाद से प्रबंधन के लोग मौके पर मौजूद हैं और छात्र को करीब 10 मिनट में अस्पताल ले जाया गया था। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन और अन्य जरूरी सामान नहीं होने की जानकारी उन्हें नहीं थी। यदि ऐसी कोई कमी सामने आती है, तो इसकी जांच कराई जाएगी।

NHRC ने लिया संज्ञान, जांच पर टिकी नजरें

ट्रिपल आईटी रांची के छात्र की मौत का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक पहुंच गया है। आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो द्वारा मामले का संज्ञान लिए जाने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने छात्र को समय पर इलाज नहीं मिलने और संस्थान के प्रशासन की कथित लापरवाही से जुड़े पहलुओं की जांच की बात कही है।

अब मामले में जांच की दिशा, आपातकालीन व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी तय करने को लेकर आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

तीन भाइयों में मंझला था आदित्य, परिवार सदमे में

आदित्य तीन भाइयों में मंझला था। उसका बड़ा भाई आकाश पटना में रहकर नीट की तैयारी कर रहा है, जबकि छोटा भाई गणेश भागलपुर में रहकर इंटर की पढ़ाई कर रहा है। बेटे की मौत से परिवार गहरे सदमे में है।

वहीं, इस घटना के बाद हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा, आपातकालीन चिकित्सा सहायता और संस्थान प्रबंधन की जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है। छात्र दोषियों पर कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच और आधिकारिक निष्कर्षों का इंतजार है।