Newshaat_Logo

झारखंड में महंगा हो सकता है नल का पानी, नगर विकास विभाग को सौंपी गई समीक्षा रिपोर्ट

Ranchi: नगर निकायों का कहना है कि मौजूदा जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त राजस्व की जरूरत है. पाइपलाइन नेटवर्क के रखरखाव, नियमित जलापूर्ति और जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन पर होने वाले खर्च को देखते हुए शुल्क में संशोधन की जरूरत महसूस की जा रही है.
 
JHARKHAND

Ranchi: झारखंड के शहरी क्षेत्रों में आने वाले दिनों में नया वाटर कनेक्शन लेना महंगा हो सकता है। राज्य के 30 नगर निकायों ने पिछले तीन वर्षों के दौरान वाटर कनेक्शन और जलापूर्ति व्यवस्था से संबंधित समीक्षा रिपोर्ट नगर विकास एवं आवास विभाग को सौंप दी है। इन रिपोर्टों और आंकड़ों के आधार पर विभाग अब वाटर कनेक्शन शुल्क में संशोधन की संभावनाओं का अध्ययन कर रहा है। हालांकि, अभी नई दरें तय नहीं की गयी हैं।

Sheopur News: मूंझरी बांध से बिछेगी 719 किमी पाइप लाइन, 511 गांवों में  पहुंचेगा पानी

क्यों बढ़ सकता है वाटर कनेक्शन शुल्क?

नगर निकायों का कहना है कि मौजूदा जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त राजस्व की जरूरत है। पाइपलाइन नेटवर्क के रखरखाव, नियमित जलापूर्ति और जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन पर होने वाले खर्च को देखते हुए शुल्क में संशोधन की जरूरत महसूस की जा रही है।

इसके अलावा, नए इलाकों में पाइपलाइन बिछाने और जलापूर्ति से जुड़े बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए भी नगर निकायों को अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए वाटर कनेक्शन शुल्क की समीक्षा की जा रही है।

सभी 49 नगर निकायों पर पड़ सकता है असर

विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यदि शुल्क संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो नई दरें राज्य के सभी 49 नगर निकायों में लागू की जा सकती हैं। ऐसे में शहरी क्षेत्रों में नया वाटर कनेक्शन लेने वाले लोगों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि वाटर कनेक्शन शुल्क में कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। अंतिम दर का फैसला 30 नगर निकायों से प्राप्त आंकड़ों के विस्तृत अध्ययन और राज्य स्तर पर तैयार होने वाले अंतिम प्रस्ताव के बाद किया जाएगा।

फिलहाल नई दरें तय नहीं

वाटर कनेक्शन शुल्क बढ़ाने को लेकर प्रक्रिया अभी समीक्षा के स्तर पर है। विभाग प्राप्त रिपोर्टों का अध्ययन कर रहा है। इसलिए फिलहाल लोगों को नई दरों के संबंध में किसी आधिकारिक बदलाव का इंतजार करना होगा।

यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो झारखंड के शहरी क्षेत्रों में नया वाटर कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को मौजूदा शुल्क की तुलना में अधिक राशि का भुगतान करना पड़ सकता है।