चार बार टेंडर, फिर भी CCTV नहीं! झारखंड सरकार के रवैये पर हाईकोर्ट नाराज
Ranchi: झारखंड के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले में डीजीपी तदाशा मिश्रा को अवमानना नोटिस जारी किया है। वहीं, अतिरिक्त मुख्य सचिव को शो-कॉज नोटिस जारी करते हुए 14 अक्टूबर 2026 तक कंप्लायंस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मुख्य सचिव को भी कंप्लायंस के संबंध में शपथपत्र दाखिल करने को कहा गया है।
सुनवाई के दौरान डीजीपी तदाशा मिश्रा अदालत में मौजूद थीं। खंडपीठ ने कहा कि थानों में सीसीटीवी लगाने के संबंध में अदालत की ओर से पहले भी कई बार निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन उनका अपेक्षित अनुपालन नहीं हुआ। मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर 2026 को होगी।
2018 के बाद 450 से ज्यादा कस्टोडियल डेथ पर चिंता
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों को लेकर भी चिंता जताई। अदालत के मुताबिक, 2018 के बाद से अब तक 450 से अधिक कस्टोडियल डेथ के मामले सामने आए हैं। इसके बावजूद पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए जाने को कोर्ट ने गंभीर विषय माना।
कोर्ट ने यह भी कहा कि थानों में सीसीटीवी कैमरे होने से पुलिस हिरासत में होने वाली घटनाओं और पुलिस कार्रवाई की निगरानी में मदद मिल सकती है।
चार बार टेंडर के बाद भी नहीं लगीं CCTV
हाईकोर्ट के समक्ष यह भी बताया गया कि पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए चार बार टेंडर की प्रक्रिया अपनाई गई, लेकिन अब तक इसका अपेक्षित परिणाम नहीं निकला। इसी को लेकर अदालत ने राज्य सरकार के अनुपालन पर सवाल उठाए।
रिपोर्टों के मुताबिक, कोर्ट ने राज्य सरकार के हलफनामे में बताई गई स्थिति पर भी सवाल उठाया और अधिकारियों से जिम्मेदारी स्पष्ट करने को कहा।
DGP के जवाब पर भी कोर्ट ने जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान सीसीटीवी लगाने की जिम्मेदारी को लेकर विभागों के बीच जिम्मेदारी तय करने का मुद्दा उठा। रिपोर्टों के मुताबिक, डीजीपी की ओर से जिम्मेदारी गृह विभाग से संबंधित होने की बात कही गई, जिस पर अदालत ने नाराजगी जताई।
कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से अपने आदेशों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
तरुण महतो मामले से जुड़ा है पूरा प्रकरण
यह मामला तरुण महतो से जुड़े कथित हिरासत में मारपीट के मामले के बाद हाईकोर्ट के स्वत: संज्ञान से जुड़ा है। तरुण महतो 2024 के विधानसभा चुनाव में ईचागढ़ सीट से प्रत्याशी रहे थे। उनकी पत्नी ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि पुलिस उन्हें रात में थाने ले गई और हिरासत में उनके साथ गंभीर मारपीट की गई।
इस पत्र पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया और इसके बाद थानों में सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और उनके संचालन से जुड़े मुद्दे भी सुनवाई के दायरे में आए।
15 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
अब डीजीपी, मुख्य सचिव और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को अदालत के निर्देशों के अनुपालन और सीसीटीवी लगाने की स्थिति पर जवाब देना होगा। मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।
इससे एक दिन पहले भी झारखंड हाईकोर्ट ने रांची के सभी थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की जांच करने और खराब कैमरों को तत्काल दुरुस्त कराने का निर्देश दिया था।







