JMM और RJD के साथ 2019 से सत्ता में रहने वाली कांग्रेस अपना पूरा ध्यान संगठन को मजबूत बनाने में लगी...
Jharkhand Desk: झारखंड में झामुमो और आरजेडी के साथ 2019 से सत्ता में रहने वाली कांग्रेस का पूरा ध्यान अपने संगठन को मजबूत बनाने पर केंद्रित है. AICC के विशेष आमंत्रित सदस्य के. राजू के प्रदेश प्रभारी बनने के बाद से गतिविधियों में तेज गति आई है लेकिन लगातार पार्टी स्तर पर हो रही गतिविधियों के बावजूद, झारखंड कांग्रेस का अब तक 25 सांगठनिक जिलों में से सिर्फ लातेहार जिले की जिला कांग्रेस कमेटी ही गठित हो पायी है. इसका मतलब यह हुआ कि रांची महानगर और रांची ग्रामीण समेत 24 जिलों में कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पर्यवेक्षक तो हैं, लेकिन टीम में दूसरे पदाधिकारियों की नियुक्ति पूरी नहीं हुई है.
दिसंबर के पहले सप्ताह घोषित हो जाएगी डीसीसी
दो-तीन दिन पहले ही लातेहार जिला कांग्रेस कमेटी के प्रस्तावित नामों को पीसीसी ने अपना अप्रूवल दिया है. जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस के कई जिला अध्यक्षों ने प्रदेश अध्यक्ष को अपनी कमेटी भी स्वीकृति के लिए भेज दी है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की मानें तो नवंबर के अंत या दिसंबर के पहले सप्ताह तक सभी जिलों की जिला कांग्रेस कमेटी घोषित कर दी जाएगी.दरअसल, कांग्रेस संगठन सृजन 2025 के तहत, अगस्त महीने में ही यह निर्देश दिया गया था कि 100 दिन के अंदर ही बूथ से लेकर जिला स्तर तक सभी सांगठनिक कार्य पूरा कर लिया जाए, इसी क्रम में कांग्रेस के प्रति समर्पित और ऊर्जावान पार्टी कार्यकर्ताओं को बीएलए बनाने के काम को भी अंतिम रूप देना था लेकिन यह काम भी अब तक पूरा नहीं हुआ है.
चाहे बीएलए की नियुक्ति हो या फिर सभी जिलों में डीसीसी के गठन का मामला, सारे काम दिसंबर तक पूरे कर लिए जाएंगे. बिहार विधानसभा चुनाव और दूसरे कारणों की वजह से संगठन सृजन अभियान के तहत मिले काम को पूरा करने में हम पीछे रह गए हैं लेकिन दिसंबर तक सभी प्रकार के टास्क को पूरा कर लिया जाएगा: सोनाल शांति, प्रदेश प्रवक्ता, झारखंड कांग्रेस
इन वजहों से हुई डीसीसी के गठन में देरी
कांग्रेस आलाकमान ने जिला कमेटी के गठन में कई बिन्दु पर फोकस करने को कहा है, जिसमें पदाधिकारियों की संख्या, जातीय समीकरण, क्षेत्रीय समीकरण पर भी फोकस ध्यान केंद्रित करना है. कांग्रेस प्रदेश कमेटी के नेताओं का यह विचार है कि इन सभी फार्मूले पर जिला अध्यक्षों के काम करने की वजह से डीसीसी के गठन में देरी हो रही है लेकिन इसे भी दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा.
कई जिलों में नहीं है महिला कमेटी
एक ओर कांग्रेस संगठन को ग्रासरूट तक मजबूत करने की कोशिश करती दिखती है जबकि दूसरी ओर यह भी एक सच्चाई है कि पार्टी में आधी आबादी को प्रेजेंट करने वाली महिला कांग्रेस की कई जिलों में कमिटियां तक नहीं बनी है. गुंजन सिंह को हटाकर रमा खलखो को प्रदेश महिला कांग्रेस की जिम्मेदारी और जवाबदेही सौंपे जाने के 10 दिन बाद भी महिला कांग्रेस की कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई है.







