जिस दिन सारंडा फतह हो जाएगा, उसी दिन झारखंड से नक्सलियों का अंत हो जाएगा...मार्च 2026 तक झारखंड होगा नक्सल-मुक्त
Jharkhand Desk: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने झारखंड सहित अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों से नक्सलियों का पूरी तरह सफाया करने की डेडलाइन मार्च 2026 तय की है. छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य नक्सलियों के खिलाफ रोजाना सफलताएं हासिल कर रहे हैं. झारखंड भी केंद्रीय बलों की मदद से नक्सलियों के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन नक्सलियों के एकमात्र गढ़ सारंडा को फतह करने में अभी भी कई तरह की मुश्किलें झारखंड पुलिस के सामने हैं. जिस दिन सारंडा फतह हो जाएगा, उसी दिन झारखंड से नक्सलियों का अंत हो जाएगा.
सारंडा पर विशेष फोकस, तीन साल से चल रही जंग जैसे हालात
करीब तीन सालों से झारखंड पुलिस केंद्रीय बलों के साथ सारंडा के बीहड़ों में जंग जैसे हालातों का सामना कर रही है. सारंडा की लड़ाई लंबी खिंचती जा रही है. इस दौरान नक्सलियों द्वारा किए जा रहे विस्फोटों की वजह से जवान, ग्रामीण और हाथी जैसे जानवर भी हताहत हो रहे हैं. हालांकि इस दौरान नक्सलियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, लेकिन गोरिल्ला वार की पद्धति की वजह से नक्सली अभी भी सारंडा में टिके हुए हैं.
नक्सलियों के सफाए के लिए डीजीपी ने कसी कमर
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा झारखंड को नक्सल-मुक्त करने की तारीख अब बिल्कुल नजदीक पहुंच चुकी है. ऐसे में झारखंड की नई डीजीपी तदशा मिश्रा ने भी नक्सलियों की सफाई के लिए कमर कस ली है. सारंडा से नक्सलियों की सफाई के लिए विशेष रणनीति के तहत इसी सप्ताह डीजीपी खुद चाईबासा पहुंची थीं. चाईबासा में झारखंड पुलिस और केंद्रीय बलों के अधिकारियों के साथ सारंडा की लड़ाई को मजबूती के साथ जीतने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है. झारखंड पुलिस का दावा है कि जो समय सीमा निश्चित की गई है, उस समय सीमा में झारखंड से भी नक्सलियों का सफाया कर दिया जाएगा.







