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एक साल तक चलता रहा फर्जीवाड़ा! महिला योजना में पुरुष बन गए लाभार्थी...

Simdega: मिली जानकारी के अनुसार, मंईयां सम्मान योजना के तहत चल रहे डोर टू डोर सत्यापन अभियान के दौरान इस सनसनीखेज का खुलासा हुआ है. जांच में पता चला कि टिनगीना निवासी पंकज नाग ने फर्जी तरीके से योजना का लाभ उठाया है.
 
JHARKHAND

Simdega: राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मंईयां सम्मान योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है. जांच में खुलासा हुआ है कि कई मामलों में पुरुष लाभार्थी महिलाओं के नाम पर योजना की राशि एक साल तक निकालते रहे, जबकि योजना का उद्देश्य सीधे तौर पर जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहायता देना था.

मंईयां सम्मान योजना: बड़ी खुशखबरी, जनवरी 2025 के पैसे आने की तारीख तय - आज  की ताजा ख़बरें | Breaking News In Hindi

प्राथमिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, फर्जी दस्तावेजों और गलत जानकारी के आधार पर महिलाओं के नाम से आवेदन किए गए. बैंक खातों और आधार विवरणों की ठीक से जांच न होने का फायदा उठाकर पुरुषों ने नियमित रूप से योजना की किस्तें प्राप्त कीं. कई मामलों में खातों का संचालन भी पुरुषों द्वारा ही किया जा रहा था.

इस योजना में एक पुरुष द्वारा महिलाओं के नाम पर करीब एक वर्ष तक सम्मान राशि उठाने का मामला उजागर हुआ है. मामला संज्ञान में आने के बाद प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज कराई है.

मिली जानकारी के अनुसार, मंईयां सम्मान योजना के तहत चल रहे डोर टू डोर सत्यापन अभियान के दौरान इस सनसनीखेज का खुलासा हुआ है. जांच में पता चला कि टिनगीना निवासी पंकज नाग ने फर्जी तरीके से योजना का लाभ उठाया है. उसने जून 2025 से मार्च 2026 तक लगातार 2500 रुपये प्रतिमाह अपने खाते में प्राप्त किए. इस तरह उसने कुल 30 हजार रुपये की सरकारी राशि हड़प ली.

मामले में जलडेगा बीडीओ डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि तत्काल कार्रवाई करते हुए जलडेगा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है. प्राथमिकी में आरोपी पंकज नाग, पिता मदन नाग, निवासी टिनगीना और पियोसोकरा निवासी प्रज्ञा केंद्र संचालक कुमार चाणक्य को नामजद किया गया है.

उन्होंने बताया कि कुमार चाणक्य ने अपनी सीएससी आईडी पंकज नाग को उपयोग के लिए दे रखी थी. उसी आईडी के माध्यम से मंईयां सम्मान योजना का ऑनलाइन आवेदन भरा गया था. प्रशासन ने टिनगीना पंचायत के तत्कालीन पंचायत सचिव सनातन सिंह से भी स्पष्टीकरण मांगा है.

जलडेगा थाना में कांड संख्या 33/26 दर्ज कर बीएनएस 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. प्रशासन ने आरोपी से 30 हजार रुपये की रिकवरी कर राशि नजारत में जमा करा दी है तथा बैंक खाते को भी होल्ड कर दिया गया है. साथ ही मामले की जांच जारी है.