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लातेहार में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल, महज 33 चिकित्सकों के भरोसे चल रही सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था

Latehar: लातेहार जिले में डॉक्टरों की भारी कमी के कारण ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध संसाधनों और सीमित डॉक्टरों के साथ व्यवस्था को संभालने का प्रयास किया जा रहा है. हालांकि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए रेफर करना पड़ता है.
 
JHARKHAND

Latehar: लातेहार जिले में डॉक्टरों की भारी कमी के कारण ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है. जिले के सभी सरकारी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र महज 33 डॉक्टरों के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जिससे मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है.

लातेहार में डॉक्टर्स की कमी से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित, 33  डॉक्टर्स के भरोसे चल रहे हैं सभी सरकारी अस्पताल

जानकारी के अनुसार, जिले में डॉक्टरों के कई पद लंबे समय से खाली पड़े हैं. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पर्याप्त चिकित्सक नहीं होने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. दूर-दराज ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है, जबकि कई मामलों में उन्हें दूसरे जिलों का रुख करना पड़ रहा है.

दरअसल लातेहार जिले में ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए कुल 7 सीएचसी और 13 पीएचसी संचालित हैं. प्रखंड स्तर पर संचालित सीएचसी में सात चिकित्सकों की पद स्वीकृत है. लेकिन जिले में संचालित किसी भी केंद्र में तीन से अधिक डॉक्टर पदस्थापित नहीं हैं. जिले के गारू प्रखंड के सीएचसी में तो सरकारी स्तर पर एक भी डॉक्टर की पदस्थापना नहीं की गई है.

स्वास्थ्य व्यवस्था को बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर बरवाडीह सीएचसी में पदस्थापित एक डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति गारू सीएचसी में की गई है. ऐसी स्थिति में अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां चिकित्सा व्यवस्था की क्या हालत होगी. इसी प्रकार मनिका प्रखंड में संचालित स्वास्थ्य केंद्र में भी मात्र एक डॉक्टर पदस्थापित है. यहां तो भवन की भी स्थिति ऐसी है, जहां सीजनली बीमारियों को छोड़कर अन्य बीमारियों का इलाज भी संभव नहीं है.

जिले में स्वीकृत 112 की जगह कार्यरत हैं 33 डॉक्टर

लातेहार जिले में सदर अस्पताल समेत अन्य सभी प्रखंड के अस्पतालों को मिलाकर कुल 112 डॉक्टर्स का पद स्वीकृत है. इनमें अकेले सदर अस्पताल में 32 डॉक्टर की आवश्यकता है. लेकिन वर्तमान में डॉक्टर्स की जो पदस्थापना है, वह काफी चिंताजनक है. वर्तमान में मात्र 33 डॉक्टर्स ही पूरे जिले में कार्यरत हैं. इनमें लातेहार सदर अस्पताल के लिए 10 डॉक्टर्स कार्यरत हैं. जबकि 7 सीएचसी और 13 पीएचसी के लिए मात्र 22 डॉक्टर्स ही कार्यरत हैं.

आयुष्मान आरोग्य मंदिर के भरोसे स्वास्थ्य व्यवस्था

वर्तमान में लातेहार जिले के पंचायत स्तर पर संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बनी हुई है. पंचायत स्तर पर संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में ग्रामीणों को वह सारी सुविधाएं मिल जाती हैं, जो उन्हें प्रखंड स्तर पर संचालित अस्पतालों में वर्तमान में मिल पाती है. जिले में कुल 97 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं. यहां 1 सीएचओ, 1 एमपीडब्ल्यू, 2 एएनएम की पदस्थापना है. यहां ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को 12 प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती है. आरोग्य मंदिर में नॉर्मल डिलीवरी भी कराई जाती है.

लातेहार में हाल ही में पदस्थापित हुए उपायुक्त संदीप कुमार ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयास आरंभ कर दिए हैं. डॉक्टर्स की कमी को दूर करने के लिए जहां उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों और सरकार से चिकित्सकों की मांग की है. वहीं लोकल स्तर पर डीएमएफटी के माध्यम से डॉक्टर्स की नियुक्ति की प्रक्रिया भी आरंभ की है. 15 दिन पहले ही डीसी ने लातेहार में पदभार ग्रहण किया और कई प्रखंड स्तरीय अस्पतालों का निरीक्षण कर व्यवस्था की जानकारी ली.

जिले के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर्स की कमी को लेकर डीसी संदीप कुमार ने बताया कि सरकार के साथ-साथ उनकी भी स्पष्ट सोच है कि ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए. डीसी ने कहा कि डॉक्टर्स की कमी को दूर करने का प्रयास शुरू किया गया है. इसके साथ ही डीसी का यह भी कहना है कि वर्तमान में जो रिसोर्स है, उसका शत प्रतिशत उपयोग कर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाए.