लोकसभा में उठा पलामू के लिए हवाई कनेक्टिविटी का मुद्दा, पलामू सांसद ने उड्डयन मंत्रालय से पत्राचार पेश करने का किया आग्रह...
Palamu: झारखंड के पलामू जिले में स्थित चियांकी हवाई अड्डा का मामला अब संसद तक पहुंच गया है. पलामू के सांसद ने इस मुद्दे को लोकसभा में उठाते हुए हवाई अड्डे से जुड़ी लंबित प्रक्रियाओं और पत्राचार को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है.
उड्डयन मंत्रालय से पत्र उपलब्ध कराने की मांग
लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पलामू सांसद ने उड्डयन मंत्रालय से आग्रह किया कि चियांकी हवाई अड्डे को लेकर अब तक राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच हुए पत्राचार को सार्वजनिक किया जाए और संबंधित पत्र उपलब्ध कराए जाएं. सांसद ने कहा कि इससे यह स्पष्ट होगा कि हवाई अड्डे के विकास और संचालन में देरी किन कारणों से हो रही है.
क्षेत्र के विकास से जुड़ा अहम मुद्दा
सांसद ने सदन में कहा कि चियांकी हवाई अड्डा पलामू प्रमंडल के विकास के लिए बेहद अहम है. इसके चालू होने से न सिर्फ क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि हवाई अड्डे के शुरू न होने से पलामू जैसे पिछड़े क्षेत्र को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है.
लंबे समय से अधर में लटका है प्रोजेक्ट
चियांकी हवाई अड्डा परियोजना लंबे समय से अधर में लटकी हुई है. कभी भूमि हस्तांतरण, कभी तकनीकी स्वीकृति और कभी प्रशासनिक कारणों से यह परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है. स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि लगातार इसके शीघ्र संचालन की मांग करते रहे हैं.
पारदर्शिता पर दिया जोर
पलामू सांसद ने कहा कि यदि उड्डयन मंत्रालय सभी पत्र और दस्तावेज उपलब्ध कराता है, तो स्थिति साफ होगी और जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही तय की जा सकेगी. उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस मामले में पारदर्शिता बरती जाए और समयबद्ध तरीके से निर्णय लिया जाए.
स्थानीय लोगों में उम्मीद
लोकसभा में मामला उठने के बाद पलामू जिले के लोगों में एक बार फिर उम्मीद जगी है कि चियांकी हवाई अड्डा परियोजना को गति मिलेगी. स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि संसद में सवाल उठने से अब केंद्र सरकार इस दिशा में गंभीर कदम उठा सकती है. चियांकी हवाई अड्डा का मुद्दा लोकसभा में उठना पलामू के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और विकासात्मक संकेत माना जा रहा है. अब सबकी नजर उड्डयन मंत्रालय के जवाब और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है.







