जिस कोल्हान जंगल को समझता था अपनी ताकत, वहीं इजरायल पूर्ति का हुआ अंत- जानिए कौन था और क्यों था खास...
Ranchi: झारखंड में कोल्हान के रूटुगुटू जंगल में इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति पुलिस मुठभेड़ में मारा गया. माओवादियों के सागेन दस्ते में शामिल इसाराइल पूर्ति उर्फ अमृत पूर्ति एक लाख का इनामी था. सागेन दस्ता सारंडा छोड़कर कोल्हान के जंगल में डेरा डाला था. इस दस्ते में शामिल इसराइल को पूरे इलाके में चप्पे-चप्पे की जानकारी थी.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सांगाजाटा गांव का रहने वाला इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत पूर्ति संगठन में एरिया कमांडर स्तर के नक्सलियों का विश्वासपात्र था. उसे कोल्हान की भौगोलिक स्थिति की सटीक जानकारी थी. इसलिए घने जंगलों में सुरक्षा बलों की आवाजाही पर नजर रखने और दस्ते को सुरक्षित रास्ता दिखाने में माहिर था.
नक्सली दस्ते के लिए रसद जुटाने का करता था काम
पुलिस मुठभेड़ में ढेर इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत पूर्ति मुख्य रूप से संगठन के लिए राशन और अन्य जरूरत की चीज जुटाने का काम करता था. वो पूरे इलाके परिचित था, इसलिए आराम से नक्सली दस्ते के लिए रसद जुटाने में सफल होता था.इसराइल पर हत्या और अपहरण के कई केस दर्ज
इसराइल पूर्ति पर पुलिस मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या और अपहरण के कई केस दर्ज हैं. हाल ही में हुए रमेश चांपिया हत्याकांड में भी उसकी प्रमुख भूमिका थी. टोंटो और गोइलकेरा के जंगलों में सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किए गए आईईडी ब्लास्ट में भी वो आरोपी था.
पुलिस मुठभेड़ में इसराइल के कई साथी बच कर निकले
पुलिस के मुताबिक 24 अप्रैल की रात सागेर अंगरिया के दस्ते ने पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर दुगुनिया में पूर्व नक्सली रमेश चांपिया उर्फ चांबरा की हत्या कर दी थी. इसकी खुफिया जानकारी मिलते ही पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया. बुधवार को पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई. कई घंटों के मुठभेड़ के दौरान इसराइल पूर्ति मारा गया , जबकि अन्य नक्सली घने जंगलों का फायदा उठाते हुए फरार हो गए.







