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सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालय नहीं होना चिंता की बात और शर्म की बात, शिक्षा विभाग को नहीं है सही जानकारी...

Palamu: कार्यक्रम में डीसी समीरा एस ने अपने संबोधन में डेटा की इस भिन्नता पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब डेटा ही सही नहीं होगा, तो कार्य योजना कैसे तैयार की जाएगी. समाज कल्याण, शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों में अलग-अलग तरह की भिन्नताएं पाई जा रही हैं.
 
JHARKHAND GOVERMENT SCHOOL

Palamu: सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालय की उपलब्धता को लेकर शिक्षा विभाग के पास पुख्ता जानकारी नहीं है. विभाग के पास दो अलग-अलग डेटा उपलब्ध हैं एक में 20 स्कूलों में शौचालय नहीं होने की बात कही गई है, जबकि दूसरे में केवल 7 स्कूलों में इसकी कमी बताई गई है.

यह बात मंगलवार को पलामू में संपूर्णता अभियान 2.0 के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान सामने आई. कार्यक्रम में डीसी समीरा एस ने अपने संबोधन में डेटा की इस भिन्नता पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब डेटा ही सही नहीं होगा, तो कार्य योजना कैसे तैयार की जाएगी. समाज कल्याण, शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों में अलग-अलग तरह की भिन्नताएं पाई जा रही हैं.

संपूर्णता अभियान 2.0 नीति आयोग के तहत चलाया जा रहा है. इसके अंतर्गत पांच प्रमुख इंडिकेटरों पर कार्य किया जा रहा है लो वेट बेबी बर्थ, टीबी के खिलाफ अभियान, आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं एवं किशोरियों के लिए पोषण, सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालय की उपलब्धता तथा पशुओं का वैक्सीनेशन.

पलामू जिला के अलावा हरिहरगंज प्रखंड को भी आकांक्षी प्रखंड के रूप में चयनित किया गया है. अभियान के तहत सभी इंडिकेटरों के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल करना है. डीसी समीरा एस ने स्पष्ट किया कि 14 अप्रैल तक ये लक्ष्य पूरे कर लिए जाएंगे. कार्यक्रम के दौरान डीसी ने खुलकर चर्चा की और विभिन्न विभागों के अधिकारियों से बातचीत की. सरकारी कर्मियों ने अपनी समस्याएं रखीं, खासकर स्कूलों में शौचालय और पानी की उपलब्धता को लेकर अपनी बात रखी. इस अवसर पर अपर समाहर्ता कुंदन कुमार, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. असीम कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद थे.