जल संकट और पेयजल की किल्लत से परेशान झारखंड की जनता, सदन में जोर शोर से उठा पेयजल की किल्लत का मामला...
Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 16वें दिन प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के कई विधायकों ने पेयजल की किल्लत का मामला उठाया. झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू ने संथाल में खराब चापाकलों (Hand Pump) की मरम्मत से जुड़ा प्रश्न पूछा. इस मसले को उठाकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी सरकार को घेरा. वहीं मंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस समस्या को लेकर सरकार गंभीर है.
झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू के सवाल पर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,44,906 चापाकलों की साधारण मरम्मत की स्वीकृति दी गई है. इसमें से पाकुड़ में 4,417 चापाकल शामिल हैं. मंत्री ने बताया कि 1 अप्रैल 2025 से 11 मार्च 2026 तक पाकुड़ में 2,679 चापाकलों की साधारण मरम्मत का कार्य पूरा किया जा चुका है. चापाकलों की मरम्मत से जुड़ी शिकायत के लिए कंट्रोल रुम भी बनाया गया है.
मंत्री ने कहा कि कई जगहों पर वाटर लेयर नीचे जाने की वजह से पानी नहीं निकल रहा है. इस परेशानी से निपटने के लिए उपाए तलाशे जा रहे हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेयजल आपूर्ति को लेकर सरकार गंभीर है. हेमलाल मुर्मू ने कहा कि इस बार प्यास से लोग मरने लगेंगे. पानी की हर हाल में व्यवस्था होनी चाहिए.
इसी दौरान मंत्री ने कहा कि पंचायतों को खराब चापाकल की मरम्मत का जिम्मा दिया गया था लेकिन केंद्र से फंड नहीं मिलने पर कार्य प्रभावित हुआ. इस पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि क्या झारखंड सरकार इतनी दिवालिया हो गई है कि लोगों को पानी तक नहीं पहुंचा पा रही है.
उन्होंने कहा कि युद्ध चल रहा है. इसकी वजह से पेट्रोल-डीजल और गैस की किल्लत की चर्चा हो रही है. लेकिन यहां तो पानी की बात हो रही है. मंत्री को कहना चाहिए कि हर हाल में पानी पहुंचाएंगे. जरुरत पड़ने पर गंगा का पानी पहुंचाएंगे.
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि हर हाल में अंतिम व्यक्ति तक पेयजल पहुंचेगा. हर इलाके की समीक्षा की जा रही है. पानी का लेयर नीचे जाने से ज्यादा दिक्कत हो रही है. चापाकलों की मरम्मत के लिए फंड तक रिलीज किया जा चुका है.







