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लगातार बढ़ते अपराध पर काबू पाने को लेकर राज्य सरकार ने गिरिडीह पुलिस को सौंपे 30 हाईटेक रिस्पांस राइडर्स

Jharkhand Desk: कानून की सख्ती से अपराध कम नहीं होते। हमारे कानून पहले से ही बहुत सख्त हैं, लेकिन उनका उपयोग नहीं हो पाता. हमारी न्याय प्रणाली इतनी ढीली है कि उसमें किसी मुजरिम को सजा दिलवाना टेढ़ी खीर है. मुजरिम के वकील ऐसे-ऐसे कानून की गलियां ढूंढ लेते हैं जिसके कारण न्यायाधीश को, अपराधी को सबूतों के अभाव में छोड़ना पड़ता है. अपराध पर नियंत्रण करने को लेकर राज्य सरकार ने गिरिडीह जिला पुलिस को आधुनिक सुविधाओं से लैस 30 रिस्पांस राइडर्स उपलब्ध कराए हैं.
 
GIRIDIH
कानून की सख्ती से अपराध कम नहीं होते। हमारे कानून पहले से ही बहुत सख्त हैं, लेकिन उनका उपयोग नहीं हो पाता. हमारी न्याय प्रणाली इतनी ढीली है कि उसमें किसी मुजरिम को सजा दिलवाना टेढ़ी खीर है. मुजरिम के वकील ऐसे-ऐसे कानून की गलियां ढूंढ लेते हैं जिसके कारण न्यायाधीश को, अपराधी को सबूतों के अभाव में छोड़ना पड़ता है. अपराध पर नियंत्रण करने को लेकर राज्य सरकार ने गिरिडीह जिला पुलिस को आधुनिक सुविधाओं से लैस 30 रिस्पांस राइडर्स उपलब्ध कराए हैं.

Jharkhand Desk: कानून की सख्ती से अपराध कम नहीं होते. हमारे कानून पहले से ही बहुत सख्त हैं, लेकिन उनका उपयोग नहीं हो पाता. हमारी न्याय प्रणाली इतनी ढीली है कि उसमें किसी मुजरिम को सजा दिलवाना टेढ़ी खीर है. मुजरिम के वकील ऐसे-ऐसे कानून की गलियां ढूंढ लेते हैं, जिसके कारण न्यायाधीश को, अपराधी को सबूतों के अभाव में छोड़ना पड़ता है. अब अपराध पर नियंत्रण करने को लेकर राज्य सरकार ने गिरिडीह जिला पुलिस को आधुनिक सुविधाओं से लैस 30 रिस्पांस राइडर्स उपलब्ध कराए हैं.

बताया जा रहा है कि गिरिडीह जिले के जिन इलाकों में सड़कें या बड़े वाहन नहीं पहुँच पाते, वहाँ अगर कोई अपराध या अप्रिय घटना घटती है, तो पुलिस त्वरित विकल्प के तौर पर रिस्पांस राइडर्स का इस्तेमाल करेगी और पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुँचेगी. गिरिडीह के डीसी और एसपी ने आज आधुनिक सुविधाओं से लैस 30 मोटरसाइकिलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिन्हें "रिस्पांस राइडर्स" नाम दिया गया है, जो जिले के सभी अनुमंडलों का भ्रमण करेंगी.

गौरतलब है कि एसपी डॉ. विमल कुमार ने डीसी रामनिवास यादव के साथ मिलकर बाइक सवार 30 पुलिसकर्मियों को रवाना किया. ये विशेष राइडर्स आपात स्थिति में भीड़ को आकर्षित करने के लिए विशेष सायरन और विशेष उपकरणों से लैस हैं.

इस संबंध में, डीसी ने बताया कि प्रत्येक बाइक जीपीएस से लैस है और इसकी हर गतिविधि की जानकारी उपलब्ध रहेगी. इन रिस्पांस राइडर्स का इस्तेमाल सूचना मिलने पर त्वरित प्रतिक्रिया के लिए किया जाएगा, जिससे अपराध पर नियंत्रण होगा. इस दौरान, एसपी डॉ. विमल कुमार ने बताया कि चारों अनुमंडलों में तैनात 30 रिस्पांस राइडर सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे. इनका इस्तेमाल आपात स्थिति में कार्रवाई करने और ज़रूरत पड़ने पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में किया जाएगा. एसपी ने आगे बताया कि आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए, दंगाइयों से निपटने, गिरोहों पर नियंत्रण और असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए रिस्पांस राइडर्स की भूमिका का इस्तेमाल किया जाएगा. इस अवसर पर सदर एसडीपीओ जीतवाहन, डीएसपी नीरज सिंह, कौशर अली और धनजय राम समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद रहें.