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शौचालय की कहानी और बदहाली: गिरिडीह में क्यों पीएम की ये चार योजनाएं काम नहीं कर रही, बदहाली पर क्या कह रहे हैं स्थानीय लोग...

Giridih: 
 
PM Yojna

Giridih: शहर में शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. ऐसे में हर एक शख्स को परेशानी झेलनी पड़ रही है. महिला हो या पुरुष हर कोई परेशान है. लोग तो कह रहे हैं कि सिर्फ शौचालय की व्यवस्था नहीं होने के कारण पीएम नरेंद्र मोदी की चार योजनाएं शहर में फेल होती दिख रही हैं.

दरअसल लोग लगातार शहर में शौचालय की व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे थे. शहर के ज्यादातर हिस्से में साफ सुथरा शौचालय नहीं है. भीड़-भाड़ वाले इलाके में जहां सार्वजनिक शौचालय बनाया गया था, वह या तो बदहाल होकर बंद हो चुका है या फिर गंदगी से घिरा हुआ है. ऐसे में लोग जहां तहां, छिपते-छिपाते शौच कर रहे हैं.

क्या कहती हैं गिरिडीह की जनता

इस विषय पर गिरिडीह के लोगों से बातचीत की गई. सामाजिक कार्यकर्त्ता प्रभाकर कुमार ने कहा कि, "पूरे देश में स्वच्छ भारत अभियान चल रहा है. जबकि गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में शौचालय या मूत्रालय की समुचित व्यवस्था नहीं है. अगर कहीं शौचालय है तो वहां गंदगी का अंबार है, आप उसके बगल से गुजर नहीं सकते हैं. एक तरफ हम बात करते हैं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महिला सम्मान-सशक्तिकरण, स्वच्छ भारत अभियान, यह सभी योजनाएं सिर्फ एक शौचालय के लिए फेल हो रही हैं. नगर निगम प्रशासन को इस ओर सोचना चाहिए."

25 नंबर वार्ड निवासी विक्की का कहना है कि शहर में जो भी शौचालय बना वह रख-रखाव के अभाव में बदहाल हो गया. ऐसे शौचालय में गंदगी का अंबार है. ऐसे शौचालय में नशे का सेवन करने वाले भी जमावड़ा लगाते हैं. निगम नया शौचालय बनाए तो रखरखाव करने वालों को भी रखे.

निगम के स्तर से चार सामुदायिक शौचालय और 14 यूरिनल पॉइंट को चिन्हित करते हुए उसे दुरुस्त करने का काम शुरू किया गया है. इसे लेकर निविदा भी निकाली गई और कार्य भी प्रारम्भ कर दिया गया है. 10 से 15 दिनों के अंदर पूरी व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाएगी. भीड़ भाड़ वाले इलाकों में जगह की कमी और जाम की स्थिति को देखते हुए यूरिनल पॉइंट नहीं दे रहे हैं- प्रशांत कुमार लायक, उपनगर आयुक्त