अभी तक नहीं मिला रांची से लापता 2 मासूम बच्चों का सुराग, बच्चों की सकुशल वापसी के लिए बनी अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति, कल मशाल जुलूस
Ranchi: रांची के मौसीबाड़ी इलाके से गायब हुए 2 सगे भाई-बहन अंश और अंशिका का शुक्रवार को 8वें दिन भी सुराग नहीं मिला. स्थानीय लोगों में पुलिस के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है. बच्चों की सकुशल वापसी होने तक लोकतांत्रिक तरीके से अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति बनाकर आंदोलन शुरू करने का निर्णय किया गया है. इसके लिए संयोजक मंडली का गठन भी कर लिया गया है. संयोजक मंडली का संयोजक राजद नेता कैलाश यादव को बनाया गया है. गुरुवार को मौसीबाड़ी इलाके में राजद नेता कैलाश यादव की अध्यक्षता में की गई बैठक के दौरान दोनों बच्चों के बारे में पुलिस द्वारा अब तक कोई सुराग नहीं ढूंढ़ पाने पर चिंता व्यक्त की.

अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति का गठन
इस दौरान बैठक में लापता अंश-अंशिका के पिता सुनील यादव सहित इलाके की पूर्व पार्षद उर्मिला देवी, पूर्व पार्षद मंजू देवी, मिंटू पासवान, नंदन यादव, बबन यादव, नीलम चौधरी, अनीता यादव, संजीत यादव, जैसे इलाके के कई लोगों ने बैठक में भाग लिया और अपने विचार व्यक्त किए. इस दौरान सभी लोगों ने इस बात पर अपनी सहमति जताई कि, सभी लोग दोनों बच्चों अंश और अंशिका के सकुशल वापसी तक संघर्ष समिति के सभी फैसलों को मानेंगे.
एसएसपी ने दिया था जल्द ढूंढ़ने का आश्वासन
बैठक के दौरान संघर्ष समिति के संयोजक और राजद नेता कैलाश यादव ने पुलिस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शहीद मैदान स्थित शेख भिखारी चौक पर महाधरना के दौरान सीनीयर एसपी राकेश रंजन पंहुचे थे और उन्होंने यह आश्वासन दिया था कि एक उच्च स्तरीय विशेष जांच टीम का गठन किया गया है और अब जल्द से जल्द पुलिस लापता दोनों बच्चों को ढूंढ़ लेगी. मगर 7 दिनों के बीत जाने के पश्चात भी अभी तक दोनों बच्चों की सकुशल वापसी नहीं हो सकी है. उनका कहना है कि बच्चों की अब तक कोई खबर नहीं होने से अब उनके परिजनों की हालात भी चिंताजनक हो गई है. उन्होंने बताया कि समाज और क्षेत्र में जनाक्रोश बढ़ रहा है. इसलिए बच्चों की वापसी तक आंदोलन करना सामाजिक जरूरत बन चुकी है.
10 जनवरी को शाम 4 बजे मसाल जुलूस
अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से 10 जनवरी को शाम 4 बजे मशाल जुलूस निकालने का निर्णय लिया है. यह पैदल मार्च भगवान बिरसा चौक तक जाएगी और विरोध प्रदर्शन करेगी. इसी कड़ी में 11 जनवरी को एचईसी क्षेत्र बंद रखने की बात कही है, साथ ही सभी बाजार, आवासीय क्षेत्र का बाजार, हाट, दुकानें बंद कर लोगों द्वारा मानवीय संवेदना व्यक्त की जाएगी. इसके अलावा अंश-अंशिका के सकुशल वापसी तक कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से आयोजित करने की बात कही है.







