“मेरी मौत के जिम्मेदार चार लोग हैं" ...पुलिस चालक ने वीडियो में साफ-साफ बताया 'सुसाइड' की वजह
Jharkhand Desk: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो NCRB के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बीते 6 वर्षों में छात्र आत्महत्याओं के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है. 2019 की तुलना में 2023 में स्टूडेंट सुसाइड के मामलों में 34 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज हुई है. यह आंकड़ा न केवल बढ़ती मानसिक परेशानियों को दर्शाता है बल्कि समाज और सरकार के सामने गंभीर चुनौती भी खड़ा करता है.
कोडरमा जिले में तैनात एक पुलिस चालक ने अपने ही अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली. मृतक की पहचान मंसूर आलम के रूप में हुई है. आत्महत्या से पहले मंसूर आलम ने दो वीडियो जारी किए, जिसमें उन्होंने चार अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना देने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया. वीडियो में उन्होंने कहा, “मेरी मौत के जिम्मेदार चार लोग हैं – जयनगर थाना प्रभारी बब्लू कुमार सिंह, अरविंद हांसदा, डोमचाच थाना प्रभारी ओम प्रकाश यादव और पिकेट प्रभारी रमेश मरांडी. सभी ने मुझे अनुचित तरीके से सस्पेंड कराया है. तीन-चार महीने में दो बार सस्पेंड किया गया. बिना किसी ठोस आरोप के मेरे खिलाफ कार्रवाई की गई."
मंसूर आलम ने आगे बताया कि उनका तबादला पिकेट में किया गया था, लेकिन उन्हें थाना में ही जबरन रोके रखा गया. इसको लेकर उन्होंने शिकायत की, जिसके बाद उल्टा उन्हें निलंबित कर दिया गया.
घटना के बाद मंसूर आलम के शव को रिम्स भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम किया गया. मृतक के परिवार में तीन बेटे और दो बेटियां हैं.







