2 साल से लापता मां को बेटे ने ऐसे खोजा! आधार बना सहारा, वृंदावन में हुआ भावुक मिलन
Dhanbad: करीब दो साल से परिवार से दूर एक बच्चे की तलाश आखिरकार पूरी हो गई। सितंबर 2024 में रेलवे चाइल्डलाइन की टीम द्वारा रेस्क्यू किए गए बच्चे को अब उसकी मां से मिला दिया गया है। आधार कार्ड से मिले सुराग के बाद शुरू हुई तलाश मुरैना से होते हुए वृंदावन तक पहुंची, जहां बच्चे की मां मिली। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चे को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया।
रेलवे चाइल्डलाइन ने किया था बच्चे का रेस्क्यू
सितंबर 2024 में रेलवे चाइल्डलाइन की टीम ने बच्चे को रेस्क्यू किया था। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया गया। CWC ने बच्चे की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी संभाली।
बच्चे को सुरक्षित आश्रय, भोजन, शिक्षा और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। साथ ही उसके परिवार और माता-पिता की तलाश भी लगातार जारी रखी गई।
अलग-अलग जानकारी के कारण मुश्किल हुई तलाश
परिवार की तलाश के दौरान कई तरह की चुनौतियां सामने आईं। शुरुआत में बच्चे ने अपने घर और पहचान को लेकर अलग-अलग जानकारी दी। उसने कभी मुरैना, तो कभी मुरादाबाद का जिक्र किया।
मुरादाबाद में भी बच्चे के परिवार से जुड़ी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। ऐसे में परिवार तक पहुंचने की कोशिश में काफी समय लगा।
आधार कार्ड से मिला अहम सुराग
परिवार की तलाश में CWC के आदेश पर बच्चे के आधार कार्ड का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान बच्चे की मां का मोबाइल नंबर और मध्य प्रदेश के मुरैना का पता सामने आया।
हालांकि, जांच टीम जब मुरैना पहुंची तो पता चला कि संबंधित महिला अब वहां नहीं रहती है। इसके बाद एक बार फिर परिवार की तलाश मुश्किल हो गई। इसके बावजूद CWC ने जांच जारी रखी।
मुरैना से वृंदावन पहुंची तलाश
लगातार प्रयासों के दौरान जानकारी मिली कि बच्चे की मां अब मथुरा के वृंदावन क्षेत्र में रह रही है। इसके बाद मथुरा CWC और स्थानीय स्तर पर संपर्क स्थापित कर महिला की पहचान और बच्चे से उसके संबंध की पुष्टि की प्रक्रिया शुरू की गई।
बच्चे और महिला के बीच वीडियो कॉल के जरिए बातचीत भी कराई गई। दस्तावेजों और स्थानीय स्तर पर की गई जांच के बाद CWC को मां-बेटे की पहचान को लेकर संतुष्टि हुई।
इसके बाद सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर बच्चे को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया।
दो साल बाद मां से मिला बेटा
जब करीब दो साल बाद मां और बेटे का आमना-सामना हुआ तो माहौल भावुक हो गया। मां अपने बच्चे को वापस पाकर बेहद खुश थी, वहीं बच्चा भी अपनी मां के पास पहुंचकर काफी खुश नजर आया।
लंबे समय से परिवार से दूर रहे बच्चे की घर वापसी ने इस पूरी तलाश को एक भावुक अंत दिया।
परिवार को आगे भी मिलेगी सहायता
CWC के अनुसार, बच्चे के पिता की मृत्यु हो चुकी है। ऐसे में बच्चे के भविष्य और परिवार के पुनर्वास को लेकर आगे की प्रक्रिया भी जारी है।
बच्चे के मामले में मथुरा CWC को फॉलोअप दिया गया है। वहीं परिवार को स्पॉन्सरशिप स्कीम के तहत सहायता दिलाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
आधार से मिला सुराग, खत्म हुआ दो साल का इंतजार
रेलवे चाइल्डलाइन द्वारा बच्चे के रेस्क्यू से शुरू हुई यह पूरी प्रक्रिया करीब दो साल बाद अपने मुकाम तक पहुंची। बच्चे की पहचान और परिवार की तलाश में आधार सत्यापन से महत्वपूर्ण सुराग मिला। मुरैना में तलाश अटकने के बाद जांच वृंदावन तक पहुंची और आखिरकार मां-बेटे का वर्षों पुराना इंतजार खत्म हो गया।







