झारखंड में लड़कियों की सुरक्षा को लकर दो घटनाएं और एक सवाल? काली गाड़ियों से बच्चियों को कर रहा अगवा...
Bokaro Crime News: जैसे जैसे तकनीक बढ़ती चली जा रही है वैसे वैसे सुविधाएं बढ़ रही है सुविधा बढ़ रही वैसे ही सुरक्षा कम होती चली जा रही है. बच्चियां, लड़कियां और महिलाएं इनके लिए आज भी समाज वैसा ही है जैसा पहले था. आज के समय में क्राइम का स्तर और भी ज्यादा बढ़ गया है. देश में अभी जो माहौल है उसमें महिलाएं हो या 4 साल की बच्ची कहीं भी सुरक्षित नहीं है. ऐसे में अब महिलाओं को अपनी सुरक्षा खुद सुनक्षित करनी चाहिए. झारखंड के बोकारो सेक्टर 12 थाना क्षेत्र के आदर्श कोऑपरेटिव में पिछले कुछ दिनों से काले रंग की गाड़ी सवार लोग छोटी नाबालिग बच्चियों को एक चॉकलेट और टॉफी देने के नाम पर बहला-फुसलाकर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं. जब बच्चियां तैयार नहीं होती हैं तो उनके साथ जोर-जबरदस्ती भी की जा रही है.
आदर्श कोऑपरेटिव में दो अलग-अलग तारीखों पर नाबालिग बच्चियों को काले रंग की गाड़ी सवार लोगों ने निशाना बनाने की कोशिश की. दोनों ही मामलों में आरोपी बच्चियों को टॉफी और चॉकलेट देने का बहाना बनाकर अपने साथ ले जाने की कोशिश कर रहे थे. जब बच्चियों ने मना किया तो उनके साथ जोर-जबरदस्ती की गई. हालांकि, दोनों ही बार बच्चियों ने साहस दिखाते हुए हमलावरों का डटकर सामना किया और मौके से भागने में सफल रहीं, लेकिन इन घटनाओं के बाद कोऑपरेटिव में रहने वाले परिवारों में डर और चिंता का माहौल है. राहत की बात यह है कि दोनों ही मामलों में बच्चियों ने अद्भुत साहस दिखाया और किसी बड़े हादसे को टाल दिया.
लड़कियों के लिए आत्मरक्षा करने के लिए क्या उपाय होने चाहिए?
- साहस और घबराहट पर काबू.
- पिपर स्प्रे
- महिला सहायता नंबर फोन में होना चाहिए. फोन की चार्जिंग पूरी रखें. पॉवर बैंक का इस्तेमाल करें.
- महिला सुरक्षा पर कोई किताब या वीडियो देखने चाहिए
- व्हाट्स अप पर परिवार एवम् मित्र से लाइव लोकेशन साझा करें खासकर यदि आप देर से या अनजान जगह से घर आ रही हैं.
- उबर या ओला पर ट्रिप की जानकारी घरवालों से साझा करें। एप्प में यह फीचर होता है.
- समय पड़ने पर दुपट्टा, पेन, प्रकार को हथियार की तरह प्रयोग करें। यदि आपके बैग में हो.
- आदमी के गुप्तांग , नाक पर वार करें.
- ऑटो में पीछे बैठे हैं तो ड्राइवर के कमीज़ का कलर पीछे से खीच लें। कमीज़ का आगे का बटन गले को चोक करने लगेगा.
- अपने दांतों की ताकत हमेशा याद रखें. परिस्थिति आप स्वयं समझ लें कि यह कब मुमकिन है)
- झूठ बोले कि आप किसी भयानक यौन रोग से पीड़ित हैं जो उसको हो जाएगा उदहारण , एड्स. ( यह सिर्फ एक राय है)
- सबसे ख़तरनाक; दिनों उंगलियों से आंखे फोड़ दें.
घटनाओं के बारे में जानिए
पहली घटना 3 जनवरी और दूसरी 10 जनवरी की है. दोनों ही मामलों में आरोपी बच्चियों को टॉफी और चॉकलेट देने का बहाना बनाकर अपने साथ ले जाने की कोशिश कर रहे थे. जब बच्चियों ने मना किया तो उनके साथ जोर-जबरदस्ती की गई. जानकारी के अनुसार, सेक्टर-12 थाना क्षेत्र के आदर्श कोऑपरेटिव में नन्ही बच्चियों को चॉकलेट-टॉफी का लालच देकर बहलाने की कोशिश की गई, लेकिन इन मासूमों ने जो हिम्मत दिखाई, उसने पूरे इलाके को दहशत के साये में डाल दिया है.
जबरदस्ती गाड़ी में बैठाने लगे
बताया जा रहा है कि बीते 3 जनवरी को कोऑपरेटिव में रहने वाले कन्हैया भगत की पोती के साथ घटना हुई थी, जहां जोर-जबरदस्ती करने पर बच्ची ने आरोपी को दांत काटकर खुद को बचाया. कन्हैया भगत ने बताया कि काले रंग की गाड़ी में दो लोग आए थे और बच्ची को टॉफी देने के नाम पर फुसलाया. जब वह नहीं मानी तो उसे जबरदस्ती गाड़ी में बैठाने लगे. लेकिन बच्ची ने लड़ाई करते हुए मौके से भाग निकली.
जबड़े को दबाने की कोशिश
दूसरी घटना 10 जनवरी की है जब विनोद कुमार की पोती के साथ अनहोनी होने वाली थी. जानकारी के अनुसार, जब बच्ची साइकिल चला रही थी तोइसी दौरान थार सवार उसके पास आए और पहले टॉफी देने की कोशिश की. जब उसने लेने से इनकार किया तो मॉल में बड़ी टॉफी देने की बात कही. जब उसने फिर से इनकार किया, तो गाड़ी से उतर कर उसके जबड़े को दबाने की कोशिश की. इस हरकत पर बच्ची ने आरोपी को नाखून से जख्मी कर खुद को बचाया.
बोकारो पुलिस ने क्या कहा?
घटना की सूचना मिलने के बाद सेक्टर-12 थाना पुलिस मौके पर पहुंची. सब-इंस्पेक्टर श्यामल मंडल के अनुसार, कोऑपरेटिव इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किस रास्ते से आए और किस दिशा में गए. हालांकि, मामले में बड़ी बात यह रही कि 8 और 9 साल की बच्चियों ने न सिर्फ खतरे को पहचाना, बल्कि हिम्मत से मुकाबला कर खुद को सुरक्षित भी किया.
दूसरी घटना 10 जनवरी की है जब विनोद कुमार की पोती के साथ अनहोनी होने वाली थी. जानकारी के अनुसार, जब बच्ची साइकिल चला रही थी तोइसी दौरान थार सवार उसके पास आए और पहले टॉफी देने की कोशिश की. जब उसने लेने से इनकार किया तो मॉल में बड़ी टॉफी देने की बात कही. जब उसने फिर से इनकार किया, तो गाड़ी से उतर कर उसके जबड़े को दबाने की कोशिश की. इस हरकत पर बच्ची ने आरोपी को नाखून से जख्मी कर खुद को बचाया.
बोकारो पुलिस ने क्या कहा?
घटना की सूचना मिलने के बाद सेक्टर-12 थाना पुलिस मौके पर पहुंची. सब-इंस्पेक्टर श्यामल मंडल के अनुसार, कोऑपरेटिव इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किस रास्ते से आए और किस दिशा में गए. हालांकि, मामले में बड़ी बात यह रही कि 8 और 9 साल की बच्चियों ने न सिर्फ खतरे को पहचाना, बल्कि हिम्मत से मुकाबला कर खुद को सुरक्षित भी किया.







