मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में निवेश और ग्रीन स्टील युग का शुभारंभ, 1 लाख 27 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश का प्रस्ताव...
Ranchi: करीब 1 लाख 27 हजार करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव झारखंड को ना सिर्फ स्टील हब बनाएगा, बल्कि ग्रीन एनर्जी और अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित भी करेगा...
Feb 4, 2026, 19:57 IST
Ranchi: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम और यूनाइटेड किंगडम की यात्रा के बाद झारखंड में निवेश और ग्रीन स्टील युग का शुभारंभ होने की संभावना बढ़ गई है.
टाटा स्टील और नवीन जिंदल समूह के निवेश प्रस्ताव समेत स्टील और पावर सेक्टर, इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग, उन्नत कोटिंग और फिनिश्ड स्टील, ऑटोमोबाइल उद्योग और सीमेंट उद्योग के लिए विभिन्न निवेशकों ने झारखंड में निवेश के प्रति रुचि दिखाते हुए कुल 1 लाख 27 हजार करोड़ के निवेश का आशय पत्र उद्योग विभाग को सौंपा गया है.
इसमें नवीन जिंदल समूह का 70 हजार करोड़ तथा टाटा स्टील का 11 हजार करोड़ का निवेश भी प्रस्तावित है.
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक झारखंड सरकार और प्रमुख औद्योगिक टाटा स्टील एवं नवीन जिंदल समूह के बीच हुए ऐतिहासिक समझौतों के अतिरिक्त ओडिशा एलॉय स्टील, रुंगटा माइंस, अम्लगाम स्टील एंड पॉवर, बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड, जय सस्पेंशन लिमिटेड, अंबुजा सीमेंट लिमिटेड से प्राप्त आशय पत्र के बाद राज्य एक नए औद्योगिक युग के द्वार पर खड़ा है.
करीब 1 लाख 27 हजार करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव झारखंड को ना सिर्फ स्टील हब बनाएगा, बल्कि ग्रीन एनर्जी और अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित भी करेगा. इस निवेश का मुख्य उद्देश्य जीरो कार्बन लक्ष्यों की प्राप्ति और उच्च-गुणवत्ता वाले फिनिश्ड उत्पादों का निर्माण है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में संतुलित विकास को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है.
इसके तहत लातेहार में स्टील और पावर सेक्टर के क्षेत्र में ओडिशा स्टील अलॉय लिमिटेड 25,000 करोड़ का निवेश से संबंधित आशय पत्र प्रेषित किया है. इसके तहत ब्लास्ट फर्नेस और डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन (DRI) यूनिट्स स्थापित की जाएंगी.
इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग के लिए सरायकेला खरसावां में रुंगटा समूह 10,000 करोड़ के निवेश से स्टील, पावर और सीमेंट प्लांट का निर्माण करेगा. इसके अतिरिक्त रुंगटा माइन्स लिमिटेड द्वारा 300 करोड़ का अलग निवेश भी प्रस्तावित है.
उन्नत कोटिंग और फिनिश्ड स्टील के लिए बोकारो में बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड 1,070 करोड़ की लागत से कोल्ड रोल्ड फुल हार्ड कॉइल्स और Galvalume / ZAM कोटेड कॉइल्स का उत्पादन करेगी, जो जंग-रोधी और टिकाऊ समाधान प्रदान करेंगे.
ऑटोमोटिव सेक्टर के तहत पूर्वी सिंहभूम के आदित्यपुर में जय सस्पेंशन द्वारा 255 करोड़ के निवेश से लीफ और पैराबोलिक स्प्रिंग्स का निर्माण किया जाएगा, जो ऑटोमोबाइल उद्योग को मजबूती देगा.
वहीं, पूर्वी सिंहभूम के कांड्रा में अमलगम स्टील द्वारा 4,980 करोड़ का निवेश का प्रस्ताव है, जो फिनिश्ड स्टील उत्पादन पर केंद्रित होगा. इसी के साथ सनशाइन ग्लोबल कैपिटल, सिंगापुर का 10 मेगावाट एआई डेटा सेंटर का लगभग 3,000 करोड़ का निवेश भी प्रस्तावित है.
इस निवेश प्रस्ताव का सबसे बड़ा लाभ राज्य के हुनरमंद युवाओं और स्थानीय लोगों को मिलेगा. अनुमान है कि इन प्रस्तावित परियोजनाओं से 46,555 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
इसमें ओडिशा स्टील अलॉय से 20,000, रुंगटा से 6,200, अमलगम स्टील से 3,000 और बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज से 1,415, जय सस्पेंशन से 2,500 से अधिक परिवार को सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा.
जानकारी के मुताबिक टाटा स्टील, जिंदल और अन्य समूहों ने झारखंड में विश्व की सबसे उन्नत तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया है. EASyMelt जैसे तकनीक से विद्युत ऊर्जा और सिनगैस के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में 50% की कमी होगी.
Hisarna तकनीक स्थानीय निम्न-श्रेणी के लौह अयस्क का उपयोग कर उत्सर्जन को 80% तक कम कर सकती है. ग्रीन एनर्जी सोलर प्लांट और ग्रीन फील्ड न्यूक्लियर प्लांट के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा पर जोर दिया जाएगा.
सस्टेनेबल टिनप्लेट पर्यावरण अनुकूल 'मिथाइल सल्फोनिक एसिड' और 85% वाटर रीसाइक्लिंग पर ध्यान केंद्रित करेगा.







