रामगढ़ के स्टील प्लांट में हादसे के बाद हंगामा, मजदूर की मौत से गुस्साए ग्रामीण; मुआवजे को लेकर प्लांट का काम ठप
Ramgarh: कुजू-मुरपा स्थित श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट में 9 अगस्त को हुए भट्ठी ब्लास्ट में गंभीर रूप से घायल मजदूर रमेश ठाकुर की इलाज के दौरान मौत हो गई. उनकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया. मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्लांट का काम बंद करा दिया और प्रबंधन पर दबाव बनाया. मजदूर को हादसे के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 12 अगस्त की रात उनकी मौत हो गई. घटना के बाद मुआवजे को लेकर ग्रामीणों और प्लांट प्रबंधन के बीच विवाद बढ़ गया है.
Ramgarh: कुजू-मुरपा स्थित श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट में 9 अगस्त को हुए भट्ठी (फर्नेस) ब्लास्ट हादसे में गंभीर रूप से घायल मजदूर रमेश ठाकुर की इलाज के दौरान मौत हो गई। रमेश ठाकुर, दरोगा ठाकुर के पुत्र थे और पश्चिम न्यू कॉलोनी, कुजू कोलियरी के रहने वाले थे। उन्होंने बुधवार, 12 अगस्त की रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

मजदूर की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। घटना के विरोध में ग्रामीणों ने प्लांट का काम ठप करा दिया और उचित मुआवजे की मांग को लेकर फैक्ट्री के मुख्य द्वार के पास धरने पर बैठ गए।
मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर ग्रामीण
मुरपा के ग्रामीणों और मृतक के परिजनों का कहना है कि जब तक रमेश ठाकुर के परिवार को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों ने प्लांट प्रबंधन से मृतक के आश्रितों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
मजदूर की मौत के बाद प्लांट परिसर के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि हादसे में परिवार ने अपना सदस्य खोया है और अब प्रबंधन को पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
9 अगस्त को हुआ था भट्ठी ब्लास्ट
जानकारी के अनुसार, 9 अगस्त 2026 को श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट में भट्ठी ब्लास्ट की दुर्घटना हुई थी। इस हादसे में रमेश ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन बुधवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
फिलहाल मृतक का शव रांची में है। शव के रामगढ़ पहुंचने के बाद ग्रामीणों के आंदोलन के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। ग्रामीण और परिजन मुआवजे की मांग को लेकर प्लांट प्रबंधन पर दबाव बना रहे हैं।
आंदोलन बढ़ने की संभावना
मजदूर की मौत के बाद ग्रामीणों ने प्लांट का काम बंद करा दिया है। मुख्य द्वार के पास धरना जारी है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि उचित मुआवजे और परिवार की मदद को लेकर ठोस आश्वासन मिलने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
फिलहाल सभी की नजर प्लांट प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच होने वाली बातचीत पर है। प्रशासन की ओर से मामले में क्या कदम उठाया जाता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।







