रांची स्टेशन पर आधी रात हंगामा! RPF जवानों पर पथराव, जानिए पूरा मामला
Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में रेलवे स्टेशन की सुरक्षा में तैनात रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों पर हमले का मामला सामने आया है। मंगलवार की अहले सुबह स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया और पार्किंग स्थल पर गश्त के दौरान हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि कुछ लोगों ने अपने साथियों को बुलाकर आरपीएफ टीम पर पथराव कर दिया। घटना में दो जवान घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए गुरु नानक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना के बाद आरपीएफ ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं, अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस और आरपीएफ की ओर से फरार लोगों की तलाश की जा रही है।
सुबह करीब 3 बजे गश्त के दौरान शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, मंगलवार की सुबह करीब तीन बजे आरपीएफ पोस्ट कमांडर सह निरीक्षक शिशुपाल कुमार के नेतृत्व में जवान रेलवे स्टेशन परिसर में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पार्किंग क्षेत्र में पांच से छह ट्रांसजेंडर नजर आए। जवानों ने उन्हें वहां से हटने को कहा, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
आरोप है कि विवाद के दौरान गाली-गलौज हुई और कुछ लोगों ने अशोभनीय व्यवहार किया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
साथियों को बुलाने के बाद पथराव का आरोप
बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने पर मौके पर मौजूद लोगों ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया। इसके बाद आरपीएफ जवानों पर पत्थर फेंके जाने लगे। अचानक हुए इस हमले में दो जवान घायल हो गए।
घायल जवानों में आरक्षी केके महतो और प्रधान आरक्षी संतोष कुमार शामिल हैं। केके महतो की बायीं कलाई में फ्रैक्चर होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, संतोष कुमार की पीठ पर पत्थर लगने से चोट आई है। दोनों को तत्काल इलाज के लिए गुरु नानक अस्पताल ले जाया गया।
आत्मरक्षा में बल प्रयोग, एक आरोपी हिरासत में
घटना के दौरान स्थिति बिगड़ने पर आरपीएफ टीम ने आत्मरक्षा में बल प्रयोग किया। इसी बीच मधुकम तालाब निवासी लियोनी राय को मौके से हिरासत में लिया गया। हालांकि, अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से भाग निकले।
आरपीएफ फरार आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
रेलवे स्टेशन का सर्कुलेटिंग एरिया और पार्किंग क्षेत्र यात्रियों की आवाजाही के लिहाज से महत्वपूर्ण स्थान हैं। ऐसे में गश्त के दौरान सुरक्षा बल के जवानों पर हमला होने की घटना गंभीर मानी जा रही है। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के पूरे घटनाक्रम की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







