झारखंड में JPSC परीक्षा पर बवाल, ब्लैकलिस्टेड एजेंसी का खुलासा, जांच तेज, चेयरमैन ने दिया इस्तीफा
Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आया है. आयोग की परीक्षाएं कथित तौर पर ब्लैक लिस्टेड एजेंसीसे कराए जाने के आरोपों के बीच मामला तूल पकड़ गया है. इसी बीच CID की कार्रवाई और जांच तेज होने के दौरान JPSC के चेयरमैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.
सूत्रों के अनुसार, परीक्षा संचालन में शामिल एजेंसी के चयन और उसकी भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. आरोप है कि जिस एजेंसी को परीक्षा संचालन का जिम्मा दिया गया, वह पहले से विवादों में रही है और उसके खिलाफ कार्रवाई भी हो चुकी थी.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास जेपीएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं. जेपीएससी के एक सदस्य और अन्य लोगों ने इस संबंध में शिकायत की थी. जिसके बाद सीआइडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की. फिलहाल टीम जेपीएससी और टीडीपीएल के आठ स्टाफ को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.
20 मई 2025 को परीक्षाओं में अनियमितता को लेकर जेएसएससी ने टीडीपीएल कंपनी को काली सूची में डाल दिया था. लेकिन उसके बाद भी यह एजेंसी जेपीएससी में न केवल परीक्षाओं का संचालन कर रही थी, बल्कि सभी आठ तरह के संवेदनशील काम यही कर रही थी. जबकि इससे पहले परीक्षा में अलग-अलग एजेंसियों से अलग-अलग काम लिये जाते थे.
इसमें उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, अन्य स्टाफ और आउटसोर्सिंग एजेंसी टीडीपीएल के ठिकाने भी शामिल हैं. टीडीपीएल का पूरा नाम टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड है और यह जेपीएससी से जुड़े परीक्षा कार्यों में शामिल रहती है. एजेंसी के डायरेक्टर सतपाल सिंह और रणवीर सिंह बताये जा रहे हैं.
मामले की जांच के तहत CID की टीम ने संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की. इस कार्रवाई के बाद आयोग में हड़कंप मच गया. इसी बीच चेयरमैन के इस्तीफे ने पूरे मामले को और अधिक चर्चाओं में ला दिया है.
हालांकि, जांच अभी जारी है और एजेंसी के चयन में किसी तरह की अनियमितता हुई या नहीं, इसका अंतिम फैसला जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा. अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
यह मामला सामने आने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.







