झारखंड विधानसभा में DMFT फंड के दुरुपयोग पर हंगामा JTET, धान खरीद और AI के मुद्दे भी आए सामने...
Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को खनन क्षेत्रों के विकास के लिए बनाए गए DMFT (District Mineral Foundation Trust) फंड के इस्तेमाल को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली. इस दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए निर्धारित राशि का कई जगहों पर गलत उपयोग किया जा रहा है. नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने सदन में दावा किया कि कुछ जिलों में अधिकारियों ने DMFT फंड से जिम तक बनवा दिया, जबकि इस राशि का इस्तेमाल खनन से प्रभावित लोगों के विकास और बुनियादी सुविधाओं के लिए होना चाहिए. उन्होंने बोकारो, रामगढ़ और लातेहार जैसे जिलों का उदाहरण देते हुए फंड के उपयोग की जांच की मांग की. सरकार की ओर से प्रभारी मंत्री Yogendra Prasad ने मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का भरोसा दिया. इसके अलावा सदन में JTET परीक्षा के नियम, धान खरीद में कथित गड़बड़ी और सरकारी सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठे.
DMFT फंड के दुरुपयोग पर उठा सवाल
सदन में DMFT फंड के उपयोग को लेकर विधायक Pradeep Yadav ने अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से चर्चा की शुरुआत की. उन्होंने पूछा कि खनन क्षेत्रों के 30 किलोमीटर के दायरे में ही DMFT फंड से विकास कार्य करने का प्रावधान है और क्या इसे बढ़ाने पर सरकार विचार कर रही है. इस पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि फंड का उपयोग उसी इलाके में होना चाहिए जहां खनन से लोग सीधे प्रभावित होते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर इस फंड का सही उपयोग नहीं हो रहा है. मरांडी ने उदाहरण देते हुए कहा कि लातेहार दौरे के दौरान उन्हें एक जिम में ले जाया गया, जहां बाद में पता चला कि उसका निर्माण DMFT फंड से हुआ है. उन्होंने बोकारो और रामगढ़ सहित अन्य जिलों में भी फंड के दुरुपयोग की आशंका जताई. मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि यदि कहीं भी फंड के गलत इस्तेमाल की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
खनन प्रभावित क्षेत्रों में फंड के उपयोग पर बहस
सदन में DMFT फंड के दायरे और उपयोग को लेकर भी चर्चा हुई. विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के कारण कई बार फंड का उपयोग सीमित क्षेत्रों तक ही सिमट जाता है, जिससे जिले के अन्य प्रभावित क्षेत्रों को लाभ नहीं मिल पाता. सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री योगेंद्र महतो ने बताया कि Jharkhand District Mineral Foundation (Trust) Rules, 2024 के तहत खनन पट्टा क्षेत्र से सीधे प्रभावित 15 किलोमीटर और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित 25 किलोमीटर के दायरे में फंड का उपयोग किया जाता है. उन्होंने कहा कि ग्राम सभा और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों से परामर्श के बाद प्रभावित लोगों की पहचान की जाती है और उसी आधार पर योजनाएं बनाई जाती हैं. इस दौरान मंत्री Sudivya Kumar Sonu ने सुझाव दिया कि यदि नेता प्रतिपक्ष सहमत हों तो इस विषय पर सदन में प्रस्ताव भी लाया जा सकता है. वहीं बाबूलाल मरांडी ने कहा कि दायरा बढ़ाने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि मौजूदा फंड का उपयोग सही तरीके से हो रहा है या नहीं.
JTET परीक्षा में BSc गणित के छात्रों को ही पात्रता
विधानसभा में शिक्षकों की पात्रता परीक्षा को लेकर भी सवाल उठाया गया. बरकट्ठा विधायक Amit Kumar Yadav के प्रश्न पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने स्पष्ट किया कि गणित विषय के लिए JTET परीक्षा में केवल BSc गणित पास उम्मीदवार ही शामिल हो सकेंगे. मंत्री ने कहा कि कला संकाय से गणित पढ़ने वाले छात्रों की विषयगत योग्यता उतनी मजबूत नहीं मानी जाती, इसलिए नियमावली में संशोधन कर यह प्रावधान किया गया है कि केवल विज्ञान संकाय से गणित की पढ़ाई करने वाले छात्र ही इस विषय के लिए पात्र होंगे.
धान खरीद में गड़बड़ी का आरोप
सदन में धान खरीद को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए. विधायक Janardan Paswan ने कहा कि राज्य में धान खरीद की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितता हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों के पास जमीन नहीं है, वे भी सैकड़ों क्विंटल धान सरकार को बेच रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार से धान लाकर झारखंड में बेचा जा रहा है, जिससे पूरी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. इस पर खाद्य आपूर्ति मंत्री Irfan Ansari ने कहा कि सरकार के पास अभी तक इस तरह की कोई ठोस शिकायत नहीं आई है. यदि तथ्य सामने आते हैं तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी.
सरकारी सेवाओं में AI के इस्तेमाल पर सवाल
विधानसभा में आधुनिक तकनीक के उपयोग को लेकर भी चर्चा हुई. विधायक Saryu Roy ने पूछा कि क्या राज्य सरकार सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए Artificial Intelligence (AI) के इस्तेमाल की कोई योजना बना रही है. इस पर मंत्री Deepak Birua ने कहा कि सरकार इस दिशा में विचार कर रही है और विभाग स्तर पर इस विषय पर बैठक भी आयोजित की गई है. बैठक के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी. हालांकि सरयू राय ने कहा कि अभी तक इस दिशा में कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दे रही है और सरकार को स्पष्ट रोडमैप तैयार करना चाहिए.







