UGC के नए नियम पर बवाल, झारखंड में राजनीतिक पार्टियों ने UGC के नए नियम को लेकर साध रखी चुप्पी...
Ranchi: यूजीसी के नए प्रावधानों को लेकर जेएमएम के प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि यह प्रावधान आपस में भाई से भाई को लड़ाने की साजिश है. उन्होंने कहा यूजीसी के नए प्रावधान आपस में कैसे सौहार्द्र खराब हो, उसका एक ताना बाना है...
Jan 28, 2026, 21:46 IST
Ranchi: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा 13 जनवरी 2026 को प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एडुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन 2026 लागू किया गया है. सवर्ण वर्ग से जुड़े संगठनों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है.
इस नियम को झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आपस में लड़ाने और मतभेद पैदा करने की योजना बताया है. जबकि प्रदेश बीजेपी और कांग्रेस ने चुप्पी साध रखी है.
झारखंड कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने प्रावधान को पढ़ने और समझने के बाद बयान देने की बात कही है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए यूजीसी के नए नियम को पढ़ने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.
राकेश सिन्हा ने कहा कि बिना प्रावधान को पढ़े बयान देना जल्दबाजी होगी. वहीं प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी के मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक ने यूजीसी के नए प्रावधान पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया.
यूजीसी के नए प्रावधानों को लेकर जेएमएम के प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि यह प्रावधान आपस में भाई से भाई को लड़ाने की साजिश है.
उन्होंने कहा यूजीसी के नए प्रावधान आपस में कैसे सौहार्द्र खराब हो, उसका एक ताना बाना है. मनोज पांडेय ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार द्वारा सोची समझी रणनीति के तहत इस तरह के प्रस्ताव लाए जा रहे हैं.
क्या है UGC का प्रावधान
देश में उच्च शिक्षा को समावेशी, समान और भेदभाव मुक्त बनाने की दिशा में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने एक अहम कदम उठाते हुए प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एडुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन 2026 को अधिसूचित किया है.
ये नए नियम देश के सभी केंद्रीय, राज्यीय, डीम्ड विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों पर लागू होंगे. इनका उद्देश्य केवल शिकायत निवारण नहीं, बल्कि कैंपस कल्चर में समानता (Equity Culture) को संस्थागत रूप देना है.







