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JSSC-CGL मामले की कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या हुआ? अब आगे क्या होगा?

Jharkhand Desk: सोशल मीडिया पर वायरल हुए प्रश्नपत्रों की विश्वसनीयता को आधार बनाते हुए सीबीआई जांच की मांग दोहराई. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली सुनवाई बुधवार को जारी रखने का निर्देश दिया है. 
 
JSSC-CGL
Jharkhand Desk: सोशल मीडिया पर वायरल हुए प्रश्नपत्रों की विश्वसनीयता को आधार बनाते हुए सीबीआई जांच की मांग दोहराई. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली सुनवाई बुधवार को जारी रखने का निर्देश दिया है. 

Jharkhand Desk: JSSC CGL परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट में लंबी बहस चली. यह सुनवाई मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ में लगभग डेढ़ घंटे तक चली. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और JSSC की ओर से प्रस्तुत पक्ष में कहा गया कि परीक्षा 22 तारीख को आयोजित हुई थी, जबकि याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत फोटो और अन्य तथाकथित प्रमाण 23 तारीख के हैं अर्थात् परीक्षा के एक दिन बाद के.

ऐसे में यह साबित नहीं होता कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पूर्व लीक हुआ था. इसके अतिरिक्त यह भी दलील दी गई कि याचिकाकर्ताओं के पास पेपर लीक को लेकर कोई ठोस प्रमाण नहीं है.

वहीं याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार ने पेपर लीक की आशंका और सोशल मीडिया पर वायरल हुए प्रश्नपत्रों की विश्वसनीयता को आधार बनाते हुए सीबीआई जांच की मांग दोहराई. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली सुनवाई बुधवार को जारी रखने का निर्देश दिया है. साथ ही, जब तक सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, JSSC-CGL परीक्षा परिणाम के प्रकाशन पर लगी रोक (स्टे) को यथावत रखने का आदेश दिया गया है.

राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन एवं अधिवक्ता पीयूष चित्रेश ने पक्ष रखा. JSSC की ओर से अधिवक्ता संजॉय पिपरवाल ने पक्ष रखा वहीं याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार ने पक्ष रखा.