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घाटशिला उपचुनाव को लेकर क्या है JMM का है हिट फॉर्मूला? पितृपक्ष के बाद हो सकता है सबसे बड़ा और अहम नाम की घोषणा

Jharkhand Desk: सूत्रों के अनुसार यह विस्तार पितृपक्ष के बाद किया जाएगा. इस विस्तार में सबसे बड़ा और अहम नाम दिवंगत मंत्री रामदास सोरेन के बेटे सोमेश सोरेन का हो सकता है. उन्हें मंत्री बनाकर घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में उतारने की रणनीति पर काम चल रहा है.
 
JHARKHAND CM HEMANT SOREN
Jharkhand Desk: सूत्रों के अनुसार यह विस्तार पितृपक्ष के बाद किया जाएगा. इस विस्तार में सबसे बड़ा और अहम नाम दिवंगत मंत्री रामदास सोरेन के बेटे सोमेश सोरेन का हो सकता है. उन्हें मंत्री बनाकर घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में उतारने की रणनीति पर काम चल रहा है.

Jharkhand Desk: झारखंड के पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद, उनके बड़े बेटे सोमेश सोरेन अब घाटशिला विधानसभा सीट से होने वाले उपचुनाव में किस्मत आजमा सकते हैं. दरअसल, झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार जल्द ही अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने की तैयारी में है. 

सूत्रों के अनुसार यह विस्तार पितृपक्ष के बाद किया जाएगा. इस विस्तार में सबसे बड़ा और अहम नाम दिवंगत मंत्री रामदास सोरेन के बेटे सोमेश सोरेन का हो सकता है. उन्हें मंत्री बनाकर घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में उतारने की रणनीति पर काम चल रहा है.

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के लिए यह कोई नई रणनीति नहीं है. पार्टी पहले भी इस फॉर्मूले का सफल प्रयोग कर चुकी है. पूर्व मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के निधन के बाद उनके बेटे हफीजुल हसन को मंत्री बनाया गया था और फिर उन्होंने मधुपुर उपचुनाव में जीत हासिल की थी. इसी तरह दिवंगत शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो के निधन के बाद उनकी पत्नी बेबी देवी को मंत्री पद दिया गया. जिन्होंने डुमरी उपचुनाव में जीत दर्ज की. घाटशिला से विधायक रहे रामदास सोरेन के निधन के बाद यह सीट खाली हो गई है और अब पार्टी उनके बेटे सोमेश को मंत्री बनाकर उसी फॉर्मूले को दोहराने की तैयारी में है.

रामदास सोरेन का हाल ही में निधन हो गया था. जिसके बाद से घाटशिला विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना तय है. हालांकि, चुनाव आयोग ने अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. झामुमो और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस उपचुनाव को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं. क्योंकि घाटशिला पूर्वी सिंहभूम जिले में पार्टी का एक मजबूत गढ़ माना जाता है. सोमेश सोरेन को कैबिनेट में शामिल कर पार्टी कार्यकर्ताओं और दिवंगत नेता के समर्थकों के बीच एक सकारात्मक संदेश देना चाहती है.

पार्टी के भीतर और राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि सोमेश सोरेन को मंत्री पद मिलने के बाद घाटशिला के उपचुनाव में जीत सुनिश्चित हो जाएगी. सोमेश सोरेन फिलहाल टाटा मोटर्स में कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें अपने पिता की राजनीतिक विरासत का प्रबल दावेदार माना जा रहा है. घाटशिला विधानसभा कमेटी ने सर्वसम्मति से सोमेश सोरेन के नाम को उपचुनाव के लिए प्रस्तावित किया है और इसकी जानकारी पार्टी आलाकमान को भी दे दी गई है. अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के फैसले पर टिकी हैं कि वे कब कैबिनेट विस्तार का एलान करते हैं और सोमेश को मंत्री पद देकर उपचुनाव की राह आसान करते हैं.