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वो आखिरी समय क्या हुआ था? जान गंवाने वाले उन सात लोगों के नाम? Plane Crash की अबतक की पूरी Inside Story...

Ranchi-Delhi Air Ambulance Crash: रेड बर्ड एविएशन कंपनी के इस विमान ने रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी. लातेहार के चंदवा निवासी 41 वर्षीय संजय कुमार, जिन्हें 55% बर्न इंज्युरी हुई थी, उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था. शाम करीब 7:30 बजे. चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के कासियातु अंतर्गत करमटांड जंगल में एअर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से अचानक संपर्क टूटने के बाद विमान अनियंत्रित होकर क्रैश कर गया.

 
Jharkhand

Ranchi-Delhi Air Ambulance Crash: झारखंड की राजधानी रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस की दुखद दुर्घटना ने न केवल 7 जिंदगियां छीन लीं, बल्कि एक परिवार की आखिरी उम्मीद को भी चकनाचूर कर दिया. लातेहार जिले के चंदवा निवासी 41 वर्षीय संजय कुमार पिछले 6-7 दिनों से रांची के देवकमल हॉस्पिटल में 65% जलने की गंभीर चोटों से जूझ रहे थे. जहां डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली शिफ्ट करने की सलाह दी. इसके बाद परिवार ने तुरंत रेडबर्ड एयरवेज की एयर एंबुलेंस बुक की, जिसका कुल किराया 8 लाख रुपये तय हुआ था.

अब यही विमान रांची से दिल्ली जा रही थी. जिसके बाद एम्बुलेंस खराब मौसम की वजह से सिमरिया के घने जंगलों में क्रैश हो गई. इस भीषण हादसे में विमान में सवार मरीज, उनकी पत्नी, डॉक्टर और पायलट समेत सभी 7 लोगों की मौत हो गई है.

कैसे और कब हुआ हादसा?

जानकारी के अनुसार, रेड बर्ड एविएशन कंपनी के इस विमान ने रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी. लातेहार के चंदवा निवासी 41 वर्षीय संजय कुमार, जिन्हें 55% बर्न इंज्युरी हुई थी, उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था. शाम करीब 7:30 बजे. चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के कासियातु अंतर्गत करमटांड जंगल में एअर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से अचानक संपर्क टूटने के बाद विमान अनियंत्रित होकर क्रैश कर गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उस वक्त इलाके में भीषण तूफान, बिजली की कड़कड़हाट और मूसलाधार बारिश हो रही थी.  

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हादसे में जान गंवाने वाले सात लोग

अस्पताल और एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, हादसे में मारे गए लोगों की पहचान इस प्रकार है- 
विवेक विकास भगत: पायलट
सबराजदीप सिंह: पायलट
संजय कुमार: मरीज
अर्चना देवी: परिजन
धूरू कुमार: परिजन
विकास कुमार गुप्ता: डॉक्टर
सचिन कुमार मिश्रा: नर्स

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रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की कार्रवाई

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से जिला प्रशासन ने फौरन मोर्चा संभाला. चतरा की डीसी कीर्ति श्री जी और एसपी सुमित कुमार अग्रवाल भारी पुलिस बल और पैरा मिलिट्री फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे. विमान के मलबे से एक महिला और छह पुरुषों के शव बरामद किए गए हैं. घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया है. 

सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्रैश साइट को सील कर दिया गया है. फिलहाल सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल चतरा भेज दिया गया है. चतरा सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. पंकज ने बताया, "विमान के मलबे से सात शव बरामद किए गए हैं. खराब मौसम और तेज तूफान इस हादसे का प्राथमिक कारण नजर आ रहा है." सिमरिया ब्लॉक में एयर एम्बुलेंस क्रैश के बारे में डीसी कीर्तिश्री जी ने बताया कि ये तेज तूफान  के कारण गिरा था. इसमें अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है. सिविल एविएशन मिनिस्ट्री से टीम आएगी और वो लोग इसके ब्लैकबॉक्स को ढूंढ कर हादसे की सही जांच करेंगे.

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परिजनों में मचा कोहराम

मरीज संजय कुमार को 16 फरवरी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परिजन उम्मीद जगाए बैठे थे कि दिल्ली में इलाज के बाद वह ठीक हो जाएंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था.