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कौन चला रहा हथियारों की सप्लाई चेन? पलामू में पुलिस ने कई संदिग्धों को किया रडार पर..पुलिस जांच तेज...

Palamu: पलामू में पुलिस ने संगठित आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों पर निगरानी तेज कर दी है, खासकर उन मामलों में जहां अपराधियों के पास ऑटोमेटिक हथियारों की गोलियां और अवैध हथियारों की सप्लाई के नेटवर्क सामने आ रहे हैं. पुलिस अब इस बात की जांच में जुटी है कि आखिर इन गिरोहों तक गोला-बारूद की सप्लाई किन चैनलों से पहुंच रही है.
 
PALAMU SP

Palamu: पुलिस अपराधी गिरोह के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. कार्रवाई में भारी मात्रा में हथियार एवं गोली बरामद हो रहे हैं. हाल ही के दिनों में पलामू पुलिस की कुख्यात अपराधियों के साथ मुठभेड़ हुई थी. इस मुठभेड़ में अपराधियों ने इटली और अमेरिका मेड पिस्टल का इस्तेमाल किया था.

अपराधियों के पास से दोनों पिस्टल की गोली बरामद हुई थी. 2024 में पलामू पुलिस ने 55 ऑटोमेटिक पिस्टल की गोली को बरामद किया गया था, जो 7.56 एमएम की है. 2025 में पुलिस ने 57 पिस्टल 133 गोली बरामद की थी. अपराधी एवं अपराधी गिरोह के पास आसानी से 7.56 पिस्टल की गोली पहुंच रही है.

Automatic weapons recovered by police

कई बदमाश पुलिस की टारगेट पर

पलामू पुलिस ने हथियार एवं गोली को लेकर कई लोगों को टारगेट पर लिया है, जो विभिन्न आपराधिक गिरोह से जुड़े हैं. पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है, जो आसानी से अपराधी गिरोह तक गोली को पहुंचा रहे हैं.

पुलिस अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है. अपराधी एवं आपराधिक गिरोह के पास गोली पहुंचाने वाले लोगों को भी टारगेट पर लिया गया है और कार्रवाई की जा रही है. पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारी भी मिली है. इसके बाद अभियान चलाया जा रहा है: रीष्मा रमेशन, एसपी

आपराधिक गिरोह के पास मौजूद है इंटरस्टेट लिंक

पुलिस की कार्रवाई के दौरान पहले भी कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. हथियार एवं गोली की सप्लाई करने वाला गिरोह इंटरस्टेट है. पलामू पुलिस अनुसंधान के क्रम में हथियार सप्लाई करने वाले मध्य प्रदेश एवं बिहार के गिरोह को पहले भी पकड़ चुकी है.

Automatic weapons recovered by police

पुलिस की छानबीन में इस बात की भी जानकारी निकलकर सामने आई है कि ऑटोमेटिक हथियार की गोली को स्थानीय स्तर पर भी तैयार कर लिया जाता है. जिसे बिहार, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के इलाके से लाया जाता है. दरअसल, आम लोगों को 7.56 एमएम की पिस्टल का भी लाइसेंस जारी किया जाता है. इस लिंक को भी जांच के दौरान निगरानी पर रखा गया है.

नक्सलियों ने हथियारों की खरीद एवं बिक्री के लिए एक नेटवर्क को कायम किया था. 2016-17 में पुलिस की जांच के दौरान इस बात का खुलासा हुआ था कि बिहार से हथियार की खेप सीमावर्ती इलाकों में पहुंचती है. उसके बाद इसका डिस्ट्रीब्यूशन होता है. अपराधी भी इसी तरह का नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं. पुलिस ने भी आशंका जताई है कि नक्सलियों के हथियार सप्लायर अपराधी गिरोहों को भी हथियार दे रहे हैं. पलामू में हाल की कार्रवाई के दौरान सबसे अधिक 7.56 एमएम का पिस्टल मिला है.