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चाईबासा में जंगली हाथी का आतंक, एक ही रात में 5 लोगों को मार डाला..किसी तरह एक बच्चा जान बचाकर भागने में सफल रहा...

Chaibasa: बाबरिया गांव में हाथी के हमले में जान गंवाने वालों की पहचान सनातन मेराल, उनकी पत्नी जोंकों कुई, उनके दो मासूम बच्चे और मोगदा लागुरी (दूसरे परिवार का सदस्य) के रूप में हुई है. इस हृदय विदारक घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग दहशत में हैं...
 
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Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. नोवामुंडी प्रखंड के जेटेया थाना क्षेत्र अंतर्गत बाबरिया गांव में 6 जनवरी की रात हाथी के हमले में एक ही परिवार के 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. मृतकों में पति-पत्नी, उनके दो मासूम बच्चे और दूसरे परिवार का एक सदस्य शामिल है. घटना रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जब सभी लोग अपने-अपने घरों में सो रहे थे. तभी अचानक हाथी ने घर पर हमला कर दिया. इस हमले में परिवार का एक बच्चा किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहा.

बाबरिया गांव में हाथी के हमले में जान गंवाने वालों की पहचान सनातन मेराल, उनकी पत्नी जोंकों कुई, उनके दो मासूम बच्चे और मोगदा लागुरी (दूसरे परिवार का सदस्य) के रूप में हुई है. इस हृदय विदारक घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग दहशत में हैं.

अन्य गांवों में भी हाथी का हमला, दो और मौतें

हाथी का आतंक सिर्फ बाबरिया गांव तक सीमित नहीं रहा. बड़ा पासीया गांव में भी हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई. वहीं लांपाईसाई गांव में एक अन्य व्यक्ति को हाथी ने रौंदकर मार डाला. इन दोनों गांवों में मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है.

वन विभाग और प्रशासन अलर्ट, हाथी की निगरानी जारी

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. हाथी की मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है और प्रभावित इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है. प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने और सुरक्षा के अतिरिक्त उपाय करने की बात कही है.

कब-कब और कहां-कहां हाथी के हमले से हुई मौतें

1 जनवरी

  • टोंटो प्रखंड के बांडीझारी गांव निवासी 35 वर्षीय मंगल सिंह हेंब्रम की मौके पर मौत.
  • बिरसिंहहातु गांव के कुचु बासा टोली निवासी 55 वर्षीय उर्दूप बहंदा की भी जान गई.
  • सदर प्रखंड के रोरो गांव निवासी 57 वर्षीय विष्णु सुंडी की मौत.
  • इसी दौरान मानी कुंटिया और सुखमति बहंदा गंभीर रूप से घायल.

2 जनवरी

  • गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सायतवा गांव में 13 वर्षीय रेंगा कयोम की कुचलकर मौत.
  • चक्रधरपुर के बाईपी गांव की 10 वर्षीय ढिंगी गागराई गंभीर रूप से घायल.

4 जनवरी

  • गोइलकेरा प्रखंड के संतरा वन क्षेत्र, अमराई कितापी गांव में 47 वर्षीय महिला की मौत.
  • पति रंजन टोपनो और पुत्र काहिरा टोपनो (10) घायल.

5 जनवरी

  • मिस्त्री बेड़ा वन ग्राम में 50 वर्षीय जोंगा लागुरी की मौत.
  • पति चंद्रमोहन लागुरी (52) गंभीर रूप से घायल.

6 जनवरी

  • गोइलकेरा के सोवा गांव में कुंदरा बाहदा 6 वर्षीय, कोदमा बाहदा 8 माह की सामू बाहदा की मौत.
  • 3 वर्षीय जिंगी बाहदा गंभीर रूप से घायल.
  • इसके बाद कुईलसूता गांव में 21 वर्षीय जगमोहन सवईया की भी जान गई.

लगातार हो रही मौतों ने प्रशासन और वन विभाग की रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोग हाथी कॉरिडोर में बसे गांवों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने, स्थायी निगरानी व्यवस्था और त्वरित अलर्ट सिस्टम की मांग कर रहे हैं.