Heat से राहत या बढ़ेगी मुश्किल? झारखंड में 29 मार्च से बारिश-आंधी का सिलसिला, तेज़ हवाओं और वज्रपात का अलर्ट जारी...
JHARKHAND WEATHER UPDATE: झारखंड के आसमान पर बादलों का डेरा है. पिछले 24 घंटों में हुई झमाझम बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है. रांची के मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बांग्लादेश और ओडिशा के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण राज्य में नमी बढ़ी है. इसके प्रभाव से रविवार यानी 29 मार्च तक पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ तूफानी हवाएं चलने की संभावना है. विशेष रूप से संताल और कोल्हान प्रमंडल के जिलों में ओलावृष्टि (Hailstorm) को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक अगले पांच दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे तापमान में और गिरावट आने की उम्मीद है.

अगले 5 दिनों की संभावना
- 29 मार्च से अगले कुछ दिनों में मौसम अस्थिर और बदलता हुआ रहने के संकेत हैं. इसमें कहीं-कहीं हल्की-मध्यम बारिश/आंधी का खतरा बना हुआ है, खासकर पूर्वी जिलों में.
- तापमान में गिरावट के साथ रात में ठंडक तथा दिन में भी सामान्य से कम तापमान दर्ज होने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है.
महत्वपूर्ण सावधानियां
तेज़ हवाओं और आंधी/बारिश के दौरान खुले स्थानों पर ना रहें.
गड़बड़ मौसम में यातायात और बाहरी गतिविधियों को स्थगित करना बेहतर.
ऊँचे क्षेत्रों में बर्फबारी या ओले पड़ने का चेतावनी देखते हुए सुरक्षा उपाय अपनाएँ.
पिछले 24 घंटों के दौरान संताल परगना के राजमहल में सबसे अधिक 64 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. इस वर्षा के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की कमी आई है. राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री नीचे है. वहीं, मेदिनीनगर 36.8 डिग्री के साथ राज्य का सबसे गर्म क्षेत्र रहा.
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जामताड़ा, पश्चिमी सिंहभूम, हजारीबाग, रामगढ़, लातेहार, और गिरिडीह समेत दर्जनों जिलों में तेज हवाओं के साथ पानी गिरा है. रांची में भी शुक्रवार देर रात हुई बारिश से न्यूनतम तापमान लुढ़क कर 16.6 डिग्री पर पहुंच गया है. खराब मौसम के कारण फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिली हुई है.
रांची मौसम केंद्र ने चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटों में कोल्हान और संताल प्रमंडल के जिलों में मौसम अधिक सक्रिय हो सकता है. यहां तेज गर्जना के साथ ओले गिरने की पूरी आशंका है. किसानों को कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है क्योंकि तूफानी हवाएं फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. फिलहाल हिमालय के तराई क्षेत्र, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के ऊपर दो अलग-अलग साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं. इनके कारण झारखंड में बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है. इसी वजह से अगले पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होने का पूर्वानुमान है.







