जोरो-शोरों से चल रहा चुनाव प्रचार-प्रसार, क्या इस अग्निपरीक्षा को पार कर पाएगा JLKM?
Jharkhand Desk: घाटशिला उपचुनाव झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) पार्टी के अस्तित्व की अग्निपरीक्षा बन गया है. इस उपचुनाव में पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं डुमरी विधायक जयराम महतो और केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो दोनों ने पूरी ताकत झोंक दी है. दोनों नेता घाटशिला में डेरा डाले हुए हैं और विधानसभा क्षेत्र के चारों प्रखंडों में प्रभारी, सह-प्रभारी, पर्यवेक्षक एवं स्टार प्रचारकों की टीम गठित कर डोर-टू-डोर जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं. सुबह से देर रात तक विभिन्न गांवों में जनसंपर्क अभियान तूफानी रफ्तार से जारी है. कार्यकर्ता मतदाताओं से जेएलकेएम प्रत्याशी रामदास मुर्मू के पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं. आज देवेंद्रनाथ महतो ने सीदेसल, चितरो, रूवासल, डोभा, सोनाखून, मौदासोली, अमयनगर, बूढ़ाघाघ सहित कई अन्य गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाते हुए नुक्कड़ सभाओं को संबोधित किया.

मौके पर उन्होंने कहा कि 25 साल के झारखंड में भाजपा गठबंधन और झामुमो गठबंधन दोनों को सत्ता चलाने का मौका मिला, लेकिन दोनों ही दलों ने झारखंड की जनता को धोखा दिया. स्थानीय नीति और नियोजन नीति अब तक लागू नहीं हुई है, जेपीएससी और जेएससी जैसी संस्थाओं में परीक्षा कैलेंडर नहीं बन पाता, वहीं खनिज संपदा का अवैध दोहन जारी है। इसके लिए भाजपा और झामुमो दोनों समान रूप से जिम्मेदार हैं.
उन्होंने कहा कि दोनों दलों की लूट नीति के कारण झारखंड के पढ़े-लिखे बेरोजगार युवा पलायन के लिए मजबूर हैं. अब झारखंडी आदिवासी-मूलवासी जनता जागरूक हो चुकी है और घाटशिला उपचुनाव में भाजपा-झामुमो गठबंधन को नकार चुकी है. घाटशिला से ही इन दोनों पार्टियों के पतन की शुरुआत होगी. घाटशिला उपचुनाव के प्रचार-प्रसार अभियान में मुख्य रूप से “टाइगर” जयराम महतो, देवेंद्रनाथ महतो, मोतीलाल महतो, प्रेम मार्डी, सूरज सिंह, विजय सिंह, विजय साहू, दमयंती मुंडा, पूजा कुमारी, दीपक रवानी, राजदेश रतन, बेबी संजय कुमार, महेंद्र मंडल, बिहारी महतो, तरुण, गोपेश, नवीन सहित सैकड़ों नेता जुटे हुए हैं.







