‘केस वापस लो, CBI जांच कराओ’- JSSC-CGL विवाद पर रांची में BJP का बड़ा प्रदर्शन
Ranchi Politics: JPSC और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग को लेकर झारखंड भाजपा ने चार दिवसीय राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया है। आंदोलन के पहले दिन 8 अगस्त को राजधानी रांची में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता डीसी कार्यालय पहुंचे और घेराव किया। इस दौरान भाजपा की ओर से दो सूत्री मांगों को लेकर डीसी को ज्ञापन सौंपा गया। कार्यकर्ताओं ने मांगों के समर्थन में डीसी कार्यालय के बाहर धरना भी दिया।
छात्रों पर दर्ज 300 से अधिक मुकदमे वापस लेने की मांग
भाजपा की प्रमुख मांगों में छात्र आंदोलन के दौरान 300 से अधिक छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेना शामिल है। पार्टी का आरोप है कि छात्रों ने अपने अधिकारों और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन किया था, लेकिन इसके बाद उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए गए।
भाजपा की दूसरी प्रमुख मांग JSSC-CGL परीक्षा में कथित पेपर लीक की जांच सीआईडी के बजाय सीबीआई से कराने की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए इसे केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपा जाना चाहिए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि पार्टी पहले भी संबंधित स्तर पर ज्ञापन देकर छात्रों के मुद्दों को उठाती रही है। उनका कहना है कि मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण भाजपा ने राज्यव्यापी आंदोलन का फैसला लिया है।
सीपी सिंह बोले- जरूरत पड़ी तो और बड़ा आंदोलन
रांची विधायक सीपी सिंह ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि यह आंदोलन केवल शुरुआत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिये गये, तो भाजपा इससे भी बड़ा आंदोलन करेगी।
भाजपा लंबे समय से JSSC-CGL मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रही है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि मौजूदा जांच प्रक्रिया के जरिए मामले से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, ये भाजपा के आरोप हैं और इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि यहां नहीं हुई है।
भाजपा नेताओं के अनुसार, सीबीआई जांच से परीक्षा में कथित गड़बड़ी की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
आदित्य साहू का आरोप- छात्रों के अधिकार के साथ हुआ खिलवाड़
मीडिया से बातचीत में आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि झारखंड के छात्रों के हितों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि जिन नौकरियों पर राज्य के छात्रों का अधिकार होना चाहिए था, उनमें दूसरे राज्यों के छात्रों को अवसर मिला।
उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर भी सवाल उठाए। आदित्य साहू ने खोरठा और नागपुरी जैसी क्षेत्रीय भाषाओं की परीक्षाओं का उदाहरण देते हुए दावा किया कि कुछ ऐसे अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जिन्हें इन भाषाओं की जानकारी तक नहीं थी। वहीं, इन भाषाओं को बोलने वाले कई स्थानीय छात्र परीक्षा में सफल नहीं हो सके।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इसे परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी का उदाहरण बताते हुए कहा कि इससे झारखंड के छात्रों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ हुआ है।
आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में भाजपा
आदित्य साहू ने कहा कि छात्र अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से आंदोलन कर रहे थे। उनके अनुसार, आंदोलन के दौरान छात्रों ने किसी नेता के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया और न ही किसी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी की।
इसके बावजूद छात्रों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाया। भाजपा का आरोप है कि मुकदमों के जरिए आंदोलन कर रहे छात्रों पर दबाव बनाने और उन्हें डराने का प्रयास किया जा रहा है।
आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा शुरू से ही छात्रों के मुद्दों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके समर्थन में आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय या अत्याचार हुआ तो पार्टी उसके खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।
चार दिवसीय राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान
JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों तथा छात्रों पर दर्ज मुकदमों को लेकर भाजपा ने चार दिवसीय राज्यव्यापी आंदोलन का कार्यक्रम बनाया है। रांची में डीसी कार्यालय का घेराव इसी आंदोलन का पहला चरण रहा।
भाजपा का कहना है कि जब तक छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और JSSC-CGL मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक पार्टी छात्रों के मुद्दे को लेकर आंदोलन जारी रखेगी।







