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महिला आरक्षण बिल बना सियासी रणभूमि, कांग्रेस का केंद्र पर हमला...

Ranchi: महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज होती जा रही है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के प्रदर्शन और सत्तापक्ष के जवाबी हमले और तेज होने की संभावना जताई जा रही है. फिलहाल महिला आरक्षण का मुद्दा महिलाओं के अधिकार से ज्यादा राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बनता नजर आ रहा है, लेकिन देशभर की महिलाएं अब इस सवाल का जवाब चाहती हैं कि 33 प्रतिशत आरक्षण उन्हें कब और कैसे मिलेगा.
 
 
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Ranchi: महिला आरक्षण कानून में संशोधन को लेकर देश का सियासी पारा गरमाया हुआ है. भारतीय जनता पार्टी द्वारा विपक्ष खासकर कांग्रेस पर महिला विरोधी होने के आरोप लगाते हुए जगह-जगह संवाददाता सम्मेलन किया जा रहा है. ऐसे में अब कांग्रेस ने भी भाजपा पर पलटवार करना शुरू कर दिया है. रांची महानगर कांग्रेस ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र की भाजपा सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

कांग्रेस महानगर के उपाध्यक्ष गौतम उपाध्याय ने कहा कि जब इस बिल को 2023 में ही विपक्ष के संपूर्ण समर्थन के साथ पारित कर दिया गया था, तो इसे लागू करने में इतनी देरी क्यों की जा रही है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बिल में किए गए संशोधनों के जरिए देश की महिलाओं को गुमराह किया जा रहा है और वास्तविक लाभ देने के बजाय केवल इस पर राजनीति की जा रही है.

भाजपा अब महिलाओं को 'टूल किट' की तरह इस्तेमाल कर रही है और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन करवाकर केवल चुनावी फायदा उठाने की कोशिश में जुटी है. रांची महानगर कांग्रेस की ओर से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष गौतम उपाध्याय ने सवाल किया कि जब 16 अप्रैल की आधी रात में ही 2023 के नारी शक्ति वंदन अधिनियम का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया तो फिर उसमें संशोधन की जरूरत क्यों पड़ गई.

महानगर कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि दरअसल भाजपा के नेतृत्व में चल रही केंद्र की सरकार महिलाओं को टूल किट बनाकर गलत तरीके से और अपने फायदे के लिए परिसीमन करवाना चाहती थी. लेकिन विपक्ष ने समय रहते उनकी कुटिल मंशा को भांप लिया और एकजुट होकर संशोधन विधेयक को सदन में पास नहीं होने दिया.

उन्होंने कहा कि ऐसे में हताश और घबराई भाजपा कांग्रेस पर अनर्गल आरोप लगा रही है. जबकि सच्चाई यही है कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं का सम्मान किया है. उनके हक और अधिकार की लड़ाई लड़ी है. गौतम उपाध्याय ने कहा कि बीजेपी महिलाओं को ठगने का काम कर रही है. वहीं महिला कांग्रेस की नेता विनीता पाठक ने कहा कि नरेंद्र मोदी के राज में महिलाओं को सिर्फ अपमान ही अपमान मिला है. ऐसे में देश की महिलाएं भाजपा और नरेंद्र मोदी पर भरोसा नहीं करती है.

धनबाद जिला कांग्रेस ने भी की पीसी

धनबाद जिला कांग्रेस कमेटी ने अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित कर केंद्र सरकार पर कई सवाल खड़े किए. जिला अध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार महिला आरक्षण बिल को लेकर सिर्फ प्रचार कर रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार की मंशा साफ थी तो वर्ष 2023 के आधार पर ही इसे लागू क्यों नहीं किया गया. चुनाव के समय बिल लाने के पीछे सरकार की मंशा पर उन्होंने संदेह जताया. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बिल में परिसीमन को जोड़ना उचित नहीं है और 543 लोकसभा सीटों पर सीधे महिला आरक्षण लागू किया जाना चाहिए.