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आपकी पहचान ही आपका अस्तित्व है...मिलिए रांची की रहने वाली गायत्री से, इन्होंने 'अनुपमा' सीरियल से ली प्रेरणा, शुरू किया खुद का काम...

Motivational Story: आपकी पहचान ही आपका अस्तित्व है. हाउसवाइव्स के लिए बाहर जाकर काम करना बहुत मुश्किल है लेकिन यही मुश्किल अगर दृढ संकल्प में बदल जाए तो हर घर की हाउसवाइव्स रोजगार कर भी सकती है और दे भी सकती है. शुरआत थोड़ा मुश्किल जरूर होता है लेकिन अगर  से भी प्रेरणा मिल जाये तो आप लाखों की मालकिन खुद बन सकती है और आत्मनिर्भर भी. 
 
RANCHI NEWS

Motivational Story: आपकी पहचान ही आपका अस्तित्व है. हाउसवाइव्स के लिए बाहर जाकर काम करना बहुत मुश्किल है लेकिन यही मुश्किल अगर दृढ संकल्प में बदल जाए तो हर घर की हाउसवाइव्स रोजगार कर भी सकती है और दे भी सकती है. शुरआत थोड़ा मुश्किल जरूर होता है लेकिन अगर  से भी प्रेरणा मिल जाये तो आप लाखों की मालकिन खुद बन सकती है और आत्मनिर्भर भी. 

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मिलिए, झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली गायत्री से. इन्होंने अपनी खुद की शुरुआत की और अब ये खुद रसोई चलाती हैं और घर से ही काम करती हैं. जहां पर वे कैटरिंग के ऑर्डर लेती हैं. खासतौर पर किटी पार्टी, फ्रेशर पार्टी या घर में गेट टुगेदर होता है तो इन सभी के लिए तमाम तरह का खाना बनाकर सप्लाई करती हैं. उनके साथ 6 और महिलाएं जुड़ी हुई हैं. मजे की बात यह है कि गायत्री को इस काम की इंस्पिरेशन एक सीरियल से मिली. जानते हैं डिटेल में.

'अनुपमा' सीरियल से ली प्रेरणा

उन्होंने बताया, अनुपमा सीरियल देखकर मेरे मन में भी आया कि मुझे जो खाना बनाने का शौक है, उसे फिर से जिंदा करना है. आज महीने की काफी अच्छी कमाई हो जाती है और जो महिलाएं काम करती हैं, वे भी अपने पैरों पर खड़ी हैं. गायत्री बताती हैं, अब जैसा खाना चाहेंगे, हम वैसा बना देंगे. खासतौर पर दही वड़ा तो ऐसा है कि अगर आप एक बार खाएंगे, तो दोबारा जरूर आएंगे. गायत्री बताती हैं, हमारी जो सबसे बड़ी पहचान है, वह है शुद्धता. लोग हमसे इसलिए ऑर्डर करते हैं क्योंकि उन्हें घर का एकदम शुद्ध भोजन चाहिए होता है. इसलिए इस बात का हम खास ध्यान रखते हैं. घर का पिसा हुआ मसाला इस्तेमाल करते हैं और हमारा जो स्टाफ है, वे हमाराी शर्ट पहनकर और हाथों में ग्लव्स लगाकर ही काम करता है. हाइजीन से कोई समझौता नहीं होता.

उन्होंने आगे बताया, जब यह शुरू किया था, तो थोड़ी समस्या आई थी. ऑर्डर नहीं मिलते थे, खुद का प्रचार करने में काफी समय लग गया. कई बार ऐसा होता कि हम ऑर्डर तैयार कर लेते और कस्टमर कैंसिल कर देते थे. हमारी पूंजी और मेहनत सब बर्बाद हो जाती थी. लेकिन, मैंने हमेशा अपने मां-बाप से सीखा है कि हार नहीं माननी चाहिए. शुरुआत में थोड़ी चुनौती आती है, पर अगर आप डटे रहें और ईमानदारी से काम करें, तो निश्चित तौर पर सफलता मिलती है.

आज महीने की कमाई लाख रुपए पार

गायत्री बताती हैं कि आज महीने की कमाई लाख रुपए पार है. इसके साथ हमारा स्टाफ और महिलाएं भी मजबूत बन रही हैं. सबसे खुशी इस बात यह होती है कि हमारे साथ-साथ अन्य लोग भी आत्मनिर्भर बनते हैं. स्वाद ऐसा है कि लोग कहते हैं, एकदम अनुपमा की रसोई जैसा है. यह रसोई मैं अपने घर के एक कमरे से ही चलाती हूं. लोगों को खूब प्यार मिल रहा है.