बंगाल से बाहर भी Bulletproof Car और Special Commando, MHA का बड़ा फैसला
Kolkata: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा को केंद्र सरकार ने अपग्रेड कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के नए सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत अब उन्हें पश्चिम बंगाल के बाहर देश के किसी भी राज्य की यात्रा के दौरान Z+ श्रेणी की केंद्रीय सुरक्षा मिलेगी। इससे पहले राज्य के बाहर उनकी सुरक्षा Z श्रेणी की थी, जबकि पश्चिम बंगाल में उन्हें Z+ सुरक्षा उपलब्ध थी।

पूरे देश में लागू होगा नया सुरक्षा प्रोटोकॉल
गृह मंत्रालय की ओर से सुरक्षा प्रोटोकॉल में किए गए बदलाव के बाद शुभेंदु अधिकारी को अब देशभर में Z+ श्रेणी की सुरक्षा दी जाएगी। पहले दूसरे राज्यों की यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पश्चिम बंगाल पुलिस और संबंधित राज्य के अधिकारियों के बीच प्रशासनिक समन्वय की जरूरत पड़ती थी। नई व्यवस्था में केंद्रीय एजेंसियां उनकी सुरक्षा का प्रबंधन करेंगी।
बंगाल के बाहर 22 सुरक्षाकर्मी रहेंगे तैनात
नई Z+ सुरक्षा व्यवस्था के तहत शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा में करीब 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहने की जानकारी है। इनमें स्पेशल कमांडो और सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल होंगे। उनकी यात्रा के दौरान सुरक्षा घेरे को मजबूत रखने के लिए विशेष प्रोटोकॉल लागू रहेगा।
बुलेटप्रूफ कार, पायलट और एस्कॉर्ट वाहन भी मिलेगा
शुभेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल से बाहर दौरे के दौरान उनके काफिले में कम से कम एक बुलेटप्रूफ वाहन, एक पायलट कार और एक एस्कॉर्ट कार उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मी पूरे यात्रा कार्यक्रम के दौरान उनके साथ रहेंगे।
सुरक्षा जरूरतों के आकलन के बाद लिया गया फैसला
केंद्र सरकार ने यह फैसला उनकी सुरक्षा जरूरतों के नवीनतम आकलन के आधार पर लिया है। सुरक्षा से जुड़े आकलन में संभावित खतरों और उनकी सार्वजनिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए प्रोटोकॉल में बदलाव किया गया है।
आतंकी साजिश की जानकारी के बाद बढ़ी चिंता
शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा को लेकर पहले भी चिंता सामने आ चुकी है। आपके दिए विवरण के मुताबिक, जुलाई के अंत में पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान कथित तौर पर शुभेंदु अधिकारी को निशाना बनाए जाने की साजिश का खुलासा हुआ था। इसके बाद राज्य में उनकी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया था।
शुभेंदु अधिकारी के पद को लेकर आपके ड्राफ्ट में उन्हें “मुख्यमंत्री” कहा गया है। प्रकाशन से पहले पद की स्वतंत्र पुष्टि करना जरूरी है, क्योंकि गलत पदनाम खबर की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है।







