₹3,000 या ₹1,500? अन्नपूर्णा योजना पर बड़ा फैसला, विधवा भत्ता लेने वालों को चुनना होगा एक विकल्प
Kolkata: पश्चिम बंगाल सरकार ने अन्नपूर्णा योजना और विधवा भत्ता को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। अब कोई लाभार्थी दोनों योजनाओं का लाभ एक साथ नहीं ले सकेगा। जो लाभार्थी फिलहाल दोनों योजनाओं से आर्थिक सहायता प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें इनमें से किसी एक योजना का विकल्प चुनना होगा।

अन्नपूर्णा योजना में ₹3,000, विधवा भत्ते में ₹1,500
सरकार की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, अन्नपूर्णा योजना के तहत हर महीने ₹3,000, जबकि विधवा भत्ता के तहत ₹1,500 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। दोनों योजनाओं का लाभ लेने वाले पात्र लाभार्थियों को अब यह स्पष्ट करना होगा कि वे किस योजना की सहायता जारी रखना चाहते हैं।
इसके लिए लाभार्थियों को निर्धारित फॉर्म में लिखित रूप से अपना विकल्प देना होगा। यानी उन्हें यह बताना होगा कि वे अन्नपूर्णा योजना जारी रखना चाहते हैं या विधवा भत्ता।
29 सितंबर तक दर्ज करना होगा विकल्प
महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग की ओर से जारी निर्देश कोलकाता नगर निगम के कमिश्नर और सभी जिलाधिकारियों को भेजा गया है। निर्देश में कहा गया है कि दोनों योजनाओं का लाभ लेने वाले लाभार्थियों से उनकी पसंद का विकल्प लिया जाए।
ऐसे लाभार्थियों की सूची ‘SAMARTH’ पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। अधिकारियों को लाभार्थियों से विकल्प प्राप्त कर उसे 29 सितंबर तक पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।
पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं मुख्यमंत्री
इस व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। सितंबर की शुरुआत में उन्होंने 25 से 60 वर्ष की पात्र विधवा पेंशन लाभार्थियों को अन्नपूर्णा योजना के विकल्प के बारे में जानकारी दी थी।
सरकार के निर्देश के बाद अब इस व्यवस्था को प्रशासनिक स्तर पर लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। संबंधित लाभार्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना विकल्प देना होगा।
लाभार्थियों को क्या करना होगा?
- दोनों योजनाओं का लाभ लेने वाले लाभार्थियों को एक योजना चुननी होगी।
- निर्धारित फॉर्म में लिखित रूप से अपना विकल्प देना होगा।
- संबंधित निकाय/जिला प्रशासन विकल्प को SAMARTH पोर्टल पर दर्ज करेगा।
- विकल्प दर्ज करने की अंतिम तारीख 29 सितंबर तय की गई है।
अन्नपूर्णा योजना का आधिकारिक पोर्टल पश्चिम बंगाल सरकार के महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग के तहत संचालित है।







