गंगा के ऊपर गरजेंगे 100+ लड़ाकू विमान! 20 लाख लोग देखेंगे भव्य एयर शो...कब होगा आयोजन?
Varanasi Air Show: भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस के अवसर पर वाराणसी में गंगा के ऊपर भव्य मेगा एयर शो आयोजित करने का प्रस्ताव है। प्रस्तावित कार्यक्रम 22, 23 और 25 अक्टूबर को हो सकता है। इस दौरान 100 से अधिक लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और एरोबेटिक टीमें काशी के आसमान में हैरतअंगेज करतब दिखा सकती हैं।

एयर शो के दौरान वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों से गंगा के ऊपर भारतीय वायुसेना की ताकत और हवाई कौशल देखने का मौका मिलेगा। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
84 घाटों से लेकर डोमरी की रेती तक दिखेगा नजारा
प्रस्तावित एयर शो को देखने के लिए वाराणसी के 84 घाटों की सीढ़ियों के साथ गंगा पार डोमरी की रेती को भी प्रमुख दर्शक क्षेत्र के तौर पर विकसित करने की तैयारी है। कार्यक्रम दोपहर करीब 12 बजे से ढाई बजे तक चलने का प्रस्ताव है।
प्रशासन का अनुमान है कि वाराणसी के अलावा पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के साथ बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में लोग काशी पहुंच सकते हैं। करीब 20 लाख लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
50 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च का अनुमान
इतने बड़े आयोजन में आने वाली भीड़ को संभालना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए सड़क और पार्किंग व्यवस्था के साथ बिजली, पेयजल, बैरिकेडिंग, स्वास्थ्य सेवाएं, फायर ब्रिगेड और सीसीटीवी निगरानी जैसी व्यवस्थाओं पर काम किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ड्रोन से निगरानी की भी तैयारी है। एयर शो के दौरान अनधिकृत ड्रोन उड़ाने पर रोक लगाने की व्यवस्था भी की जाएगी। पूरे आयोजन पर 50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
गंगा पार डोमरी क्षेत्र में नई सड़कों और पार्किंग की व्यवस्था विकसित करने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को परेशानी न हो।
वायुसेना और प्रशासन ने शुरू की तैयारियां
एयर शो की तैयारियों को लेकर मध्य वायु कमान, प्रयागराज के ग्रुप कैप्टन जितेंद्र पांडेय के नेतृत्व में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में आयोजन की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई।
वायुसेना की ओर से अधिक से अधिक विभागों को तैयारियों में शामिल करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से विस्तृत योजना तैयार रखने पर जोर दिया गया है। प्रशासन देव दीपावली और महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन के अनुभवों को भी इस कार्यक्रम की तैयारियों में शामिल कर रहा है।
गंगा का बढ़ा जलस्तर बना बड़ी चुनौती
एयर शो से पहले घाटों को पूरी तरह तैयार करना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। गंगा का जलस्तर 67 मीटर से ऊपर रहने के कारण कई घाटों की सीढ़ियां अभी भी पानी में डूबी हुई हैं।
जिन हिस्सों से पानी उतर चुका है, वहां करीब दो फीट तक मिट्टी और मलबा जमा होने की जानकारी सामने आई है। लगातार बारिश के कारण गंगा का जलस्तर भी धीमी गति से घट रहा है। ऐसे में घाटों की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन को कम समय में काफी काम पूरा करना होगा।
20 से 25 दिनों में सफाई और मरम्मत का लक्ष्य
नगर निगम को अगले 20 से 25 दिनों में घाटों की सफाई पूरी करने का निर्देश दिया गया है। कई घाटों पर धंसने और टूटने की समस्या भी सामने आई है। ऐसे में सफाई के साथ-साथ जरूरी मरम्मत का काम भी कराया जाना होगा।
एयर शो के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के घाटों पर पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए घाटों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रहा है।
बाबतपुर से प्रयागराज और लखनऊ तक उड़ान भर सकते हैं विमान
प्रस्तावित एयर शो में शामिल विमान बाबतपुर एयरपोर्ट के अलावा प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर और गाजीपुर की ओर से उड़ान भर सकते हैं। 100 से अधिक लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और एरोबेटिक टीमें काशी के आसमान में अपने कौशल का प्रदर्शन कर सकती हैं।
इस आयोजन का उद्देश्य सिर्फ लोगों को रोमांचक एयर शो दिखाना नहीं, बल्कि युवाओं को भारतीय वायुसेना के साहस, कौशल और राष्ट्रसेवा से परिचित कराना भी बताया जा रहा है। यदि प्रस्तावित कार्यक्रम तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होता है, तो काशी के घाटों और गंगा के ऊपर आसमान में होने वाला यह एयर शो बड़ी संख्या में लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।







