काशी में जापानी निवेश की नई उम्मीद, 109 सदस्यीय दल आज पहुंचेगा वाराणसी; उद्योग से संस्कृति तक दिखेगा यूपी का सामर्थ्य
UP News: जापान और काशी के बीच रिश्तों को अब औद्योगिक सहयोग और निवेश की नई जमीन मिलने जा रही है। जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर के नेतृत्व में 109 सदस्यीय उच्चस्तरीय जापानी प्रतिनिधिमंडल 22 अगस्त को दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचेगा। दल में जापान की प्रमुख कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी और सीईओ भी शामिल होंगे।
जापानी प्रतिनिधिमंडल के इस दौरे को उत्तर प्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग, रोजगार और पर्यटन की संभावनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास बात यह होगी कि कारोबारी चर्चाओं के साथ जापानी मेहमान काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी करीब से देखेंगे।
सारनाथ से नमो घाट तक काशी की विरासत से होगा परिचय
वाराणसी पहुंचने के बाद प्रतिनिधिमंडल भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ का भ्रमण करेगा। इसके बाद जापानी मेहमान नमो घाट पहुंचकर गंगा आरती की भव्यता देखेंगे। काशी की आध्यात्मिक परंपरा और सारनाथ की बौद्ध विरासत जापान और उत्तर प्रदेश के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने का माध्यम बनेगी।
शाम को आयोजित कार्यक्रम में जापानी प्रतिनिधिमंडल को भारतीय कला, संस्कृति और हस्तशिल्प की झलक भी देखने को मिलेगी। 23 अगस्त को प्रतिनिधिमंडल के कुछ प्रमुख सदस्य श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करेंगे, जबकि अन्य सदस्य अपने अगले गंतव्य के लिए रवाना होंगे।
निवेश के लिए यूपी की ताकत दिखेगी
जापानी प्रतिनिधिमंडल के दौरे का एक प्रमुख उद्देश्य उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश और कारोबारी साझेदारी की संभावनाओं को समझना है। हाइड्रोजन और क्लीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में सहयोग के अवसर तलाशे जाएंगे।
प्रदेश सरकार निवेशकों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक बुनियादी ढांचे, सिंगल विंडो व्यवस्था और कारोबारी अनुकूल नीतियों को अपनी ताकत के तौर पर पेश कर रही है। ऐसे में जापानी कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को लेकर यह दौरा अहम माना जा रहा है।
काशी के उत्पादों की वैश्विक पहचान से रूबरू होंगे मेहमान
जापानी प्रतिनिधिमंडल के सामने काशी की स्थानीय कला और हस्तशिल्प को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए जीआई और ओडीओपी उत्पादों के विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें गुलाबी मीनाकारी, सॉफ्ट स्टोन कार्विंग, लकड़ी के खिलौने और बनारसी सिल्क साड़ी जैसे प्रसिद्ध उत्पाद शामिल होंगे।
इन उत्पादों के जरिए काशी की पारंपरिक कला को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों तक पहुंचाने और स्थानीय कारीगरों के लिए नए बाजार तलाशने की कोशिश होगी।
संगीत और नृत्य से सजेगी जापानी मेहमानों की शाम
सांस्कृतिक कार्यक्रम में कथक, लोकनृत्य और भारतीय वाद्य संगीत की प्रस्तुतियां भी होंगी। इससे जापानी प्रतिनिधिमंडल को काशी की जीवंत सांस्कृतिक परंपरा का अनुभव मिलेगा।
कुल मिलाकर जापानी दल का वाराणसी दौरा निवेश और उद्योग से लेकर पर्यटन, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक आदान-प्रदान तक कई स्तरों पर भारत-जापान संबंधों को आगे बढ़ाने का अवसर बनेगा। यामानाशी और उत्तर प्रदेश के बीच बन रही साझेदारी के बीच काशी का यह पड़ाव दोनों क्षेत्रों के रिश्तों में आर्थिक सहयोग के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव की भी नई कहानी लिख सकता है।







